खाद्य आपूर्ति पूरी करने के लिए तथा इकॉनमी सँभालने के लिए क़तर ने मंगवाई 4000 गायें !


सऊदी बैन को ‘अंगूठा’ दिखाने के लिए कतर का कारोबारी 4,000 गायों को कराएगा विमान सेवा…

कतर की ओर से इस्लामी समूहों का समर्थन और ईरान के साथ रिश्तों को लेकर अरब देशों के बीच दरार गहरी हो गई है. सऊदी अरब समेत खाड़ी के कुछ और देशों ने कतर के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ लिए हैं. हाल के सालों में खाड़ी में सबसे बड़ा राजनयिक संकट पैदा हुआ है. 

तमाम परेशानियों के बावजूद कतर ने किसी भी तरह का समझौता करने से साफ इनकार कर दिया है , विडम्बना तो ये है  कि मुस्लिम देश में दूध के लिए गायों की ज़रूरत पड़ती है लेकिन हिन्दुओं के बहुसंख्यक देश में लोगों को गाय काटकर खानी है ।

दरअसल अपने ऊपर लगाए गए बैन के कारण खड़ी हुई मुश्किलों से निपटने के लिए कतर कई दिलचस्प तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है. कतर के एक बिजनेसमैन ने ऑस्ट्रेलिया और यूएस से 4000 गायों को फ्लाइट से अपने देश मंगवाने का फैसला किया है. इन गायों को 60 अलग-अलग विमानों में भरकर लाया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, “मौतज अल खय्यत” कतर में ताजे दूध की पूर्ति करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं.

पॉवर इंटरनेशनल होल्डिंग के चेयरमैन खय्यत ने कहा, “ये वक्त कतर के लिए काम करने का है”. ये गायें ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से खरीदी गई हैं और इन्हें कतर एयरवेज की विमानों से लाया जाएगा. आशंका जताई जा रही है कि मिल्क प्रोडक्शन अगस्त के अंत तक शुरू हो जाएगा. आतंकवाद के समर्थन के आरोप में सउदी अरब, बहरीन, मिस्र, यमन और संयुक्त अरब अमीरात ने कतर से अपने रिश्ते समाप्त कर लिए हैं.

इन देशों ने अपने हवाई मार्ग को भी कतर के लिए बंद कर दिया है. हालांकि कतर ने इन आरोपों का खंडन किया है. कतर अनाज और दूध जैसी अपनी कई घरेलू जरूरतों के लिए बहुत हद तक सऊदी पर ही निर्भर था. 

लेकिन 5 जून को सउदी अरब द्वारा संबंध तोड़ने के बाद कतर को अपनी खाद्य आपूर्ति के लिए नए-नए रास्ते तलाशने पड़े. कतर को सब्जियों की सप्लाई ईरान से हो रही है.  ईरान से सब्जियों से भरे पांच विमान कतर भेजे जा चुके हैं.

इसके अलावा 350 टन फलों और सब्जियों से भरे तीन शिप भी ईरान की पोर्ट से कतर के लिए रवाना कर दिए गए हैं. तुर्क से डेयरी प्रोडक्ट कतर भेजे जा रहे हैं. वहीं कतर में लोगों को घरेलू प्रोडक्ट्स का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है.