बड़े पैमाने पर गुजरात में दंगे करवाकर 2002 का हिन्दुओ से बदला लेने का था प्लान !



2012 में गुजरात में चुनाव हुए थे, इस चुनाव में मोदी जीते थे 
पर इस चुनाव से जुडी बड़ी जानकारी जो अबतक आपके पास नहीं है वो हम आपको बता देना चाहते है 

दरअसल 2012 में कांग्रेस किसी भी प्रकार गुजरात में अपनी सरकार बना लेना चाहती थी 
अमित शाह को कांग्रेस ने तड़ीपार कर दिया था, गुजरात में सिर्फ नरेंद्र मोदी थे, और केंद्र में सोनिया गंदी की सरकार थी 

गुजरात में बीजेपी का बड़ा वोटबैंक है पटेल समुदाय का 
बीजेपी इसी वोटबैंक के जरिये बार बार गुजरात में जीतती है, कांग्रेस किसी  भी तरह बीजेपी का यही वोट तोडना चाहती थी और कांग्रेस ने  केशुभाई पटेल को 

कांग्रेस ने केशुभाई पटेल को 700 करोड़ रुपए दिए और केशुभाई ने उस से GPP - गुजरात परिवर्तन पार्टी बनाई 
कांग्रेस और खुद GPP को भी पता था की केशुभाई पटेल चुनाव नहीं जीतेंगे 
पर हर सीट पर बीजेपी के पटेल वोट को काटेंगे और सीधा फायदा होगा कांग्रेस का 

यहाँ नरेंद्र मोदी पर भी भारी दबाव बन गया था 
क्यूंकि केशुभाई पुराने नेता रहे थे, केशुभाई पटेल को भारी पैमाने पर समर्थन भी मिल रहा था, उनकी रैलियां भी बड़ी होती थी, खूब पटेल आते थे, पटेल अस्मिता पर बात आ गयी थी 

चुनाव हुआ और GPP का सिर्फ 1 विधायक जीता और वो खुद केशुभाई पटेल ही थे
ऐन वक़्त पर नरेंद्र मोदी ने कुछ ऐसा किया की कांग्रेस का सारा प्लान ही चौपट हो गया, नरेंद्र मोदी एक सभा में बड़ा बयान दिया था 

मोदी ने कहा था की, "कांग्रेस साफ़ क्यों नहीं कहती की तो मियां अहमद पटेल को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है"


मोदी ने अहमद पटेल के नाम में जानबूझकर "मियां" शब्द जोड़ा था 
मोदी ने साफ़ कर दिया की कांग्रेस जीती तो अहमद पटेल गुजरात का मुख्यमंत्री होगा 
ये गुजरातियों के लिए बड़ा सन्देश था, बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर लोगों को ये समझाया 

कांग्रेस का प्लान था की 2012 में पटेल वोट केशुभाई के जरिये बीजेपी से तोड़ दिया जाये, अहमद पटेल को मुख्यमंत्री बना दिया जाये 
केंद्र में भी सोनिया की सरकार और राज्य में अहमद पटेल मुख्यमंत्री 

अमित शाह पहले से तड़ीपार है, फिर मोदी को भी 2002 का गुनहगार बताकर जेल और अमित शाह और मोदी की राजनितिक साजिश के तहत हत्या, और इसके बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर दंगे कर 2002 का बदला हिन्दुओ से लेना 

गुजारती कांग्रेस के प्लान को अच्छे से समझ गए और उन्होंने केशुभाई पटेल का साथ नहीं दिया 
और बीजेपी ने 2012 में फिर जीत हांसिल की, उसके बाद 2014 में मोदी प्रधानमंत्री बन गए 

2012 में जातिवाद के चक्कर में अगर गुजारती पड़ जाते तो गुजरात में हिन्दुओ का नरसंहार बड़े पैमाने पर हो चूका होता, पर ऐन वक़्त पर मोदी और खुद गुजरातियों ने गुजरात को कांग्रेस से बचा लिया