सलीम ने अपने 2 साल के बेटे का किया बलात्कार, फाड़ी उसकी अंतड़िया, फिर मार डाला


जब दो साल के मासूम का पोस्टमार्टम किया तो डॉक्टर भी उसके साथ हुई हैवानियत का मंजर देखकर हैरान रह गए और ये दरिंदगी किसी और ने नहीं, बल्कि बाप सलीम ने ही की।

पंजाब के डेराबस्सी के गांव माहिवाला में एक बाप सलीम ने हैवानियत की हद पार करते हुए घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। उसने साथ में सो रहे अपने दो साल के बेटे से पहले कुकर्म किया और फिर गला घोंटकर उसे मार डाला। बाद में मासूम को बचाने का ड्रामा करते हुए उसे अस्पतालों में लेकर घूमता रहा। मासूम के पोस्टमार्टम में कुकर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पिता से पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान पिता ने एक कहानी सुनाई तो पुलिस को यकीन नहीं हुआ। फिर पुलिस ने सख्ती की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और जो कुछ बताया, सुनकर पुलिस शर्मसार हो गई। पुलिस ने हैवान पिता के खिलाफ आईपीसी 302, 377 व पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले में शिकायतकर्ता केस के आईओ कुलदीप चंद हैं, जिनके सामने पिता ने करतूत कबूली।

जानकारी के मुताबिक, बच्चे का शव मंगलवार का डॉ. प्रभा गुप्ता, डॉ. जगजीत सिंह और डॉ. एचएस चीमा ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की मौत का कारण पेट की अंतड़ियां फटने से हुए अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है। गले पर नाखूनों के निशान मासूम का गला दबाने की ओर इशारा करते हैं। बताया जा रहा है कि मृतक बच्चा चार बड़ी बहनों का इकलौता भाई था।

एसएचओ गुरप्रीत सिंह के अनुसार, पोस्टमार्टम में कुकर्म की पुष्टि के बाद पुलिस शक पिता सलीम पर गया, क्योंकि बच्चा उसी के साथ सो रहा था। सख्ती करने पर सलीम ने स्वीकार किया कि शराब के नशे में उसी ने बेटे के साथ पहले कुकर्म किया और फिर मार डाला। बता दें कि यूपी मूल का सलीम नंबरदार सोहन सिंह की खेत में मोटर पर अपनी बुजुर्ग माता, पत्नी व पांच बच्चों सहित रहता है।

वह खेतों में मेहनत मजदूरी करता है। रविवार रात वह अपने दो वर्षीय बेटे के साथ बरामदे में सोया हुआ था। उसने कहानी रची थी कि सोमवार मध्यरात्रि जब वह लघुशंका के लिए उठा तो उसका बेटा गायब था। उसने अपनी पत्नी के साथ बेटे को ढूंढना शुरु किया तो एक व्यक्ति उसे उठाए हुए भागते दिखा। अंधेरे के कारण वह आरोपी का चेहरा नहीं देख सका।

सलीम ने बताया​ कि आरोपी उसकी आवाज सुनकर बेटे को छोड़कर भाग गया। फिर वह बेहोश बेटे को डेराबस्सी के सिविल अस्पताल ले गया, जहां से उसे सेक्टर-32 के जीएमसीएच रेफर किया गया। वहां से पीजीआई ले जाते समय बेटे की मौत हो गई। एसपी (डी) हरबीर सिंह अटवाल, डीएसपी पुरषोतम सिंह बल व एसएचओ गुरप्रीत सिंह बैंस में मामले की जांच की तो सच सामने आया।