भारत में सेकुलरिज्म न होता तो 1 भी कट्टरपंथी न होता, न होता राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राष्ट्रध्वज का अपमान !


भारत में सेकुलरिज्म न होता तो 1 भी कट्टरपंथी न होता, न होता राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राष्ट्रध्वज का अपमान ! 
न कभी कोई भारत माता को डायन कहता

बातें कड़वी जरूर है और सेकुलरों को पसंद नहीं आएंगी पर ये सच है 
चीन और भारत दोनों एक साथ आज़ाद हुए थे, दोनों ही देशों में खनिज अच्छा खासा है, संसाधन है, जनसँख्या है 
पर चीन भारत से 6 गुना अधिक बड़ी इकॉनमी है 
हर मामले में भारत से आगे है, और ये बात सच है, कारण है चीन में गन्दा सेकुलरिज्म नहीं, भारत में है इसलिए कश्मीर समस्या है !

सेकुलरिज्म एक गंभीर समस्या है 
ये सांपो को दूध पिलाता है, और ये बात हम साबित भी कर सकते है 

* पहले कट्टरपंथियों को सिर्फ वन्दे मातरम से दिक्कत आयी, राष्ट्रगीत है वंदे मातरम उसका विरोध शुरू हुआ
सेकुलरिज्म के कारण कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई 
ये रष्ट्र्गीत का अपमान करते रहे 

* फिर कट्टरपंथियों ने भारत माता की जय का विरोध शुरू किया 
सेकुलरिज्म के कारण कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई, और इनके हौंसले बुलंद होते गए 
भारत माता को कट्टरपंथियों ने डायन तक बता दिया 

* कट्टरपंथियों ने संविधान के खिलाफ भी बातें केहनी शुरू कर दी, तीन तलाक पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भारत के खिलाफ जिहाद तक की धमकी दे दी 

और अब तो कट्टरपंथी कश्मीर में तिरंगा नहीं फहराने देते, देशभर में राष्ट्रध्वज के अपमान की घटनाएं सामने आयी है, साथ ही साथ अब राष्ट्रगान के खिलाफ भी फतवे जारी होने लगे 
बरेली के एक मौलाना ने जन गण मन के खिलाफ फतवा जारी कर दिया और राष्ट्रगान को इस्लाम में हराम घोषित कर दिया 

चीन में ऐसा नहीं होता वहां सांप के फन को कुचल देने का रिवाज है 
पर भारत में सांपो को पाला जा रहा है 

और ये कट्टरपंथी अपनी संख्या दिन दुनि और रात चौगुनी की दरों से बढ़ा रहे है 
जल्द ही इन्ही कट्टरपंथियों में से एक नया जिन्ना पैदा हो जायेगा, और अपने लिए नए इस्लामिक देश की मांग रख देगा 

बिलकुल उसी तरह जैसे मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान की मांग में रखा था 
और 16 अगस्त 1946 को कोलकाता में हिन्दुओ के खिलाफ जिहाद का ऐलान कर कत्लेआम शुरू किया था जिसे "डायरेक्ट एक्शन डे" के नाम से भी जाना जाता है 

आज सेकुलरिज्म के कारण भारत के फिर वही हालात है, कश्मीर से लेकर केरल और बंगाल से लेकर हर कट्टरपंथी इलाके में देशद्रोह की हवा बह रही है 
इसका जिम्मेदारसेकुलरिज्म ही तो है, जिसने 1947 के बाद सांपो को अर्थात कट्टरपंथियों को दूध पिलाया 

अब इन्ही कट्टरपंथियों में से एक नया जिन्नाह निकलेगा और आने वाले समय में फिर भारत को तोड़ने की मांग होगी, और कट्टरपंथी बहुल इलाकों में दंगे फसाद होंगे 
सच में सेकुलरिज्म ने भारत के भविष्य को खतरे में डाल दिया है