1737 में मुग़ल शासक मोहम्मद शाह को हराकर लाल किले पर भगवा लहराया, पेशावर तक हिन्दू राष्ट्र बनाया



पृथ्वी राज चौहान के बाद एक हेमू हुए जिन्होंने मुगलो और मुस्लिम आक्रमणकारियों से लोहा लिया 
फिर महाराणा प्रताप का नाम आता है 

पर शिवाजी महाराज की बात ही अलग है 
शिवाजी महाराज ने 2000 की सेना जो उनके पिता से उनको मिली थी उसे 1 लाख 20 हज़ार की सेना बनाई 
छोटे से पुणे की जागीर को जो उन्हें उनके पिता से मिली थी 
उसे इतना बड़ा किया जो आप नीचे नक़्शे में देख सकते है 

Image result for maratha empire 1680
1680 का भारत (भगवा इलाका हिन्दू मराठा इलाका)
शिवाजी महाराज ने हिन्दू राष्ट्र का सपना देखा था, दिल्ली के लाल किले पर भगवा लहराने का सपना देखा था, छोटे से पुणे से निकलते हुए 
मुस्लिम शासको को हराते हुए इतना बड़ा राज्य बनाया, 1680 में शिवाजी महाराज का देहांत हो गया 

मराठा एम्पायर इतना ही रह गया 
फिर आया शिवाजी महाराज के कुल के शाहूजी महारज का शासन, और शाहूजी महाराज ने अपना सेनापति बनाया बाजीराव पेशवा को 

शिवाजी महाराज ने पुणे के दक्षिण में अधिक सफलता पायी, निज़ाम, हैदराबाद शासको, आदिलशाह इत्यादि को हराया, मुगलों का थोड़ा सा ही इलाका वो कब्जे में ले सके 

पर बाजीराव ने शिवाजी महाराज के सपने को पूरा करने की ठान ली और 
मराठा हिन्दुओ ने उत्तर की तरफ कुछ करना शुरू कर दिया 

1720 में बाजीराव ने उत्तर की तरफ अपना अभियान शुरू किया, एक के बाद एक 41 युद्ध मुस्लिम शासको से लड़े और हर युद्ध में अजय रहे, हर युद्ध जीता और देखते ही देखते वो दिन आ ही गया 
जब बाजीराव ने शिवाजी महाराज के एक सपने को पूरा किया 

साल था 1737, दिल्ली में मुग़ल शासक था मोहम्मद शाह 
बाजीराव ने 80 हज़ार हिन्दुओ की सेना के साथ दिल्ली की ओर कुछ किया 

बाजीराव कई युद्ध जीत चुके थे, इसलिए मोहम्मद शाह बाजीराव से बेहद डरता था इसलिए उसने आगरा के अपने सूबेदार हसन खान कोका को कहा की बाजीराव को दिल्ली आने से रोके 

हसन खान कोका 1 लाख 50 हज़ार मुग़ल सैनिको के साथ युद्ध करने निकला और युद्ध यमुना के पास हुआ 
दिन था 28 मार्च और साल था 1737 
बाजीराव और 80 हज़ार हिन्दू सैनिको ने डेढ़ लाख मुग़ल सैनिको को इसी दिन काट दिया 

फिर मुग़ल शासक मोहम्मद शाह ने डेक्कन निज़ाम से सहायता मांगी 

"काफिर एकजुट हो रहे है, इस्लाम के लिए एकजुट हो"

इतने में निजाम ने मराठा इलाकों पर हमले के लिए कुछ किया 
जिसके बाद बाजीराव की सेना ने भोपाल में निज़ाम और मुग़ल दोनों की सम्मिलित सेना को हराया 
इसे "भोपाल का युद्ध" भी कहते है 
ये 24 दिसंबर 1737 को हुआ था 

मुगलों को 2 बार युद्ध हराने के बाद बाजीराव ने दिल्ली के लाल किले में भगवा लहराया और इतना ही नहीं 
भव्य और विशाल मंदिर का निर्माण करवाया 
जिसे गौरी शंकर मंदिर कहते है, और दिल्ली में लाल किले के पास ये मंदिर आज भी है 

Image result for pm modi red fort
वो लाल मंदिर दिख रहा है, वही गौरी शंकर मंदिर है, मोदी लाल किले से भाषण दे रहे है 
उस ज़माने में ये मंदिर लाल किले परिसर में ही था, हालाँकि आज मंदिर और लाल किले के बीच रोड बनाई गयी है, जो अंग्रेजों ने बनवाई थी 

मोहम्मद शाह और निज़ाम से 1737 में बाजीराव पेशवा ने 5 लाख रुपए दंड भी वसूल किया था 
ये एक तरह से युद्ध हर्जाना था 

Image result for maratha empire 1758
बाजीराव का हिन्दू राष्ट्र, दिल्ली और पेशावर तक 
1740 में बाजीराव पेशवा का देहांत हो गया, पर 1739 तक उन्होंने पेशावर तक हिन्दू राष्ट्र स्थापित किया था 
पेशावर आज पाकिस्तान में है 

Loading...


Loading...