ममाता को हिन्दू त्यौहारों से दिक्कत है समझ आता है, पर क्या 15 अगस्त भी हिन्दू त्यौहार है ? : रोहित सरदाना




पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममाता ने मोदी विरोध और वोटबैंक के चक्कर में पश्चिम बंगाल को जैसे दूसरा ही देश घोषित करने की कसम खा ली है 
ममाता बनर्जी की सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के खिलाफ ही सरकारी आदेश जारी कर दिया 

ये खबर हमने दैनिक भारत के पाठकों को कल ही दी थी 
जिसपर आज दिन भर मीडिया में बहस और डिबेट हुए, हालाँकि सेक्युलर मीडिया ने इस खबर को दबाने की भी बहुत कोशिश की 

पत्रकार रोहित सरदाना ने ममाता बनर्जी के सांप्रदायिक चेहरे को  फिर उजागर करते हुए 
कई सवाल खड़े कर दिए 

रोहित सरदाना ने कहा की, ममाता बनर्जी राम नवमी,  हनुमान जयंती इत्यादि का विरोध करती है ये बात तो समझ में आता है की वोटबैंक के लिए वो ऐसा करती है 
पर 15 अगस्त से ममाता बनर्जी को आखिर क्या समस्या है, क्या 15 अगस्त भी उनको हिन्दू त्यौहार लगता है जिसके खिलाफ उनकी सरकार ने आदेश जारी कर दिया 

बता दें की ममाता की सोशल मीडिया पर भी राष्ट्रवादी लोगों ने जमकर आलोचना की 
ये वही ममाता बनर्जी और उनकी सरकार है जो इस्लामी पैगम्बर के जन्मदिवस पर स्कूलों को नबी दिवस मनाने का आदेश देती है 
पर सरस्वती पूजा से लेकर राम नवमी और हनुमान जयंती और अब तो 15 अगस्त के खिलाफ भी 
सरकारी आदेश दे रही है