यूपी में चाइनीज राखी पर 100% रोक, व्यापारी भी बोले- चीन की जेब में एक रुपया नहीं जाने देंगे


डोकलाम विवाद के बाद से भारत-चीन के रिश्ते में खटास आ गई है। इस रिश्ते का असर केवल सरकार पर नहीं बल्कि आम लोगों पर भी दिखाई दे रहा है। 

इसका ही नतीजा है कि बाजार से चीनी सामान के बहिष्कार का ऐलान किया गया है। सोमवार को रक्षाबधंन है और बाजार में चीनी सामान की बिक्री मंदी पड़ी हुई है। 

यूपी के कई जिले हैं जहां उपभोक्ता खुद चीनी सामान खरीदने का विरोध कर रहे हैं। आगरा, वाराणसी, मुरादाबाद में लोग चीनी राखियां खरीदने से इंकार कर रहे हैं। यहीं नहीं लोगों में चीनी सामान खरीदने का क्रेज कम होता जा रहा है। वाराणसी, आगरा, मेरठ और मथुरा में बाजार फीका पड़ा है। 

अगर किसी दुकान में राखी बिक भी रही है तो बहनें उसे नहीं खरीद रही हैं। दरअसल, भारत और चीन के बीच हाल ही में पनपे सीमा विवाद और चीन के रुख को लेकर सोशल मीडिया पर चीनी सामानों का विरोध खूब तेजी से हो रहा है। जब से दोनों देशों के बीच ये विवाद शुरू हुआ है तब से चीन के खिलाफ देश में भी विरोध शुरू हो गया। बाबा रामदेव ने भी त्योहारों पर चीनी सामान का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।

लखनऊ के आलमबाग,चौक, अमीनाबाद, भूतनाथ, नरही और नक्खास बाजार सहित तमाम बाजारों में दुकानदार चीनी माल लगा नहीं रहे हैं और लगा भी रहे हैं, तो खरीददार उसे खरीदने से इनकार कर रहे हैं।