भारत पर हमला करने आया था, भारत की जेल में रहकर भारत से हो गया प्यार, अब PM मोदी से मांग रहा घर


एक तरफ जहां भारत और चीन एक दूसरे से जूझते हुए दिखे, वही एक चीनी सैनिक ने मोदी की प्रधानमंत्री आवास योजना में अपना घर लेने की ख्वाहिश जताई है। 

दरअसल, जनवरी 1963 में भारत चीन युद्ध के दौरान वांग शी नाम के चीनी सैनिक को पकड़ा गया था। इसके बाद एक युद्धबंदी के तौर पर वांग शी को छह साल तक उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान की जेलों में बंद रखा गया। 1969 में उसे जेल से रिहा कर दिया गया।

जेल से छूटने के बाद शी चीन वापसी जाने की जगह मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में रहने लगे और वहीं के लोगों में घुलमिल गए। चीन जाने से ये कहकर इंकार कर दिया की भारत ही स्वर्ग है, रहने के लिए भारत से अच्छी जगह कोई नहीं है, शरण मांगी तो शरण मिल गई 


बालाघाट के तिरोरी गांव में रह रहे शी ने 1975 में वहीं की लड़की सुनीता से शादी कर ली और सनातन धर्म ग्रहण कर लिया। शादी के बाद उनको दो बेटी और एक बेटा है। शी अब बूढ़े हो गए हैं और चाहते हैं कि उनके बेटे को एक सरकारी नौकरी मिल जाए। इसके साथ-साथ वांग शी प्रधानमंत्री आवास योजना स्कीम के तहत एक घर भी चाहते हैं।

जिसके लिए वो कई बार कचहरी और अफसरों के दफ्तरों के चक्कर भी लगा चुके हैं। वांग शी लंबे समय तक तो गुमनाम ही रहे लेकिन पिछले साल जब उन्होंने चीन में अपने गांव जाने की भी इजाजत मांगी थी। 

जिसके बाद उन्हें मल्टीपल वीजा जारी किया गया था। वहीं बातो ही बातो में वांग शी ने कहा कि भारत एक बहुत ही अच्छा देश है, यहां के नागरिक बहुत मददगार है।