नेपाली PM शेर बहादुर ने कहा, "भारत हमारा बड़ा भाई, आँख दिखाई तो चीन की आँखे निकाल लेंगे"



चीन को उसके पड़ोसी देश नेपाल ने करारा झटका दिया है। नेपाल ने कहा है कि वो जंग की स्थिति में भारत के साथ है।
नेपाल के PM शेर बहादुर देउबा ने कहा है कि दक्षिण एशिया में चीन की दादागिरी नहीं चलेगी। अगर वो भारत से जंग लड़ता है तो नेपाल की आर्मी भारत की सेना का साथ देगी। 

देउबा ने छोटा देश होने की बात को नकारते हुए कहा कि हमार सैनिक कम नहीं है। हमारा एक गोरखा सैनिक चीन के 100 सैनिकों के बराबर है। 

वहीं, नेपाल के उप राष्ट्रपति व राजनीतिक संस्कृति सलाहकार श्री महावीर प्रसाद टोरड़ी ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भारत के साथ नेपाल की रोटी-बेटी की सांझ है और इसको दुनिया की कोई भी शक्ति जुदा नहीं कर सकती। उन्होंने बताया कि 7 दिसम्बर से 9 दिसम्बर तक काठमांडू में सार्क कल्चर को-रिलेशन कांफ्रैस करवाई जा रही है, जिसमें सार्क देशों को आमंत्रित किया गया है। 

उन्होंने बताया कि इसमें एशिया के देशों को यह बताने का यत्न किया जाएगा कि भारत ही एक ऐसा देश है जो कि सुरक्षा परिषद में एशिया का सही प्रतिनिधित्व कर सकता है। 

उन्होंने बताया कि वह आज श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए व अरदास की और आशा है हम अपने मिशन में सफल होंगे। प्रसाद ने कहा कि भारत व नेपाल की वैदिक काल से सांझ है। नेपाल कभी किसी का गुलाम नहीं रहा जबकि भारत विश्व गुरु रहा है और यहां की संस्कृति नेपाल से मिलती-जुलती है। उन्होंने कहा कि हमारे बहुपक्षीय संबंध हैं। 

भारत व नेपाल एक-दूसरे से जुड़े हैं, अभिन्न मित्र हैं और यहां तक कि भारत की गोरखा बटालियन में नेपाल के युवक भर्ती होकर भारत की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने नेपाल के दुख-दर्द में सब से पहले साथ दिया है। 

सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सीट की वकालत करते हुए प्रसाद ने कहा कि भारत वह देश है जिसके 14 लाख योद्धा पहले विश्व युद्ध में शामिल हुए, जो कि विश्व शांति के लिए था और आज तक भारत ने किसी भी राष्ट्र पर हमला नहीं किया। 

उन्होंने कहा कि विश्व शांति में भारत का बड़ा योगदान है और इन बातों को ध्यान में रखते हुए पड़ोसी देशों को भारत का समर्थन करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है जो कि नेपाल कर रहा है और भविष्य में भी जारी रखेगा। उन्होंने मांग की कि सुरक्षा परिषद में संशोधन करके 8वें शक्तिशाली देश भारत को इसमें स्थाई सदस्यता दी जाए। इस अवसर पर अजय कपूर व अन्य भी उपस्थित थे।