युद्ध हुआ तो चीनी सेना पर टूट पड़ेगा तिब्बत, हमे भारत का साथ देना है : दलाई लामा



तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के 82वें जन्मदिन पर1000 तिब्बतियों ने बधाई दी। लोगों ने दलाई लामा की लंबी उम्र की प्रार्थना की। बता दें कि जन्मदिन के अवसर पर दलाई लामा ने कहा कि वह भारत के साथ है। वह किसी देश से दुश्मनी मोल लेना नहीं चाहते हैं।

 तिब्बतियों के धार्मिक गुरु दलाईलामा के 82वें जन्मोत्सव पर शिमला के तिब्बतियन स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त शिमला रोहन चंद ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान दलाईलामा की दीर्घायु के लिए विशेष पूजा-अर्चना की गई। 

स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बता दें कि 6 जुलाई को दलाई लामा का जन्मदिन के अवसर पर लोगों ने तिब्बत के नोरमोर जनजाति के ड्रगशी-देशी नृत्य और गाने का शानदार प्रदर्शन किया। इस तरह तिब्बती युवा छात्रावास के शांत परिसर का माहौस पूरी तरह से बदल गया। 

परिसर में आने वाले सभी लोगों ने मुस्कुराते हुए चेहरे के साथ बधाई दी। अपने आप को और दूसरों को खुश रखने के लिए दलाई लामा के आदर्शों के साथ सभी आगंतुकों ने मंत्रमुग्ध किया। वहां लोगों ने धर्मगुरु दलाई लामा की खूब तारीफें  की। 

लोगों ने बताया  कि कैसे दलाई लामा के आने के बाद  लोगों की जिंदगी बदल गई।  वहां मौजूद लोगों का कहना है कि दलाई लामा प्यार और करुणा का प्रतीक है और एक बेहतर इंसान बनाने के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने आगे कहा कि हम भारतीयों को हमारी नालंदा परंपरा के संरक्षण के लिए बहुत कुछ देना चाहते हैं । 

बता दें कि युवाओं के  लिए दलाई लामा ज्ञान की एकमात्र खिड़की है। दलाई लामा हमारे लिए पूरी दुनिया का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम उनकी उपस्थिति के बिना अपनी जिंदगी जीने के बारे में नहीं सोच सकते हैं। हालांकि भारत और चीन के विवादों के  बीच जब भी दलाई लामा भारत  आते हैं तो चीन के कान खड़े हो जाते हैं। 

चीन दलाई लामा को अलगाववादी मानता है। वह सोचता है कि दलाई लामा उसके लिए समस्या है। चीन तिब्बत पर अपना दावा पेश करता है। ऐसे में तिब्त  के  धर्मगुरु का भारत आना चीन को रास नहीं आता है। जिस देश में भी दलाई लामा जाते हैं वहां की सरकारों से चीन आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताता है।