मोदी को विदा करते हुए बोले नेतन्याहू, "हथियार देना मेरा काम और चीन को उड़ाना आपका काम"


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरान खत्म हो चुका है। वो जापान में होने वाली समिट में भाग लेने के लिए रवाना हो चुके है। इजरायल के पीएम नेतान्याहू उन्हें एयरपोर्ट तक छोड़ने गए।

मोदी के इजरायल दौरे के दौरान भारत और इजरायल के बच कई समझौते हुए जिसमें हथियार और सैन्य समझौते मुख्य रहे। पीएम नेतान्याहू ने कहा है कि वो भारत की हर तरह से मदद करेंगे। फिर चाहे बात हथियारों की हो या फिर व्यापार की। वो भारत को मनचाहे हथियार देंगे। इतना ही नहीं भारत में भी हथियार बनाएंगे।

हेरोन टीपी ड्रोन की डील

सूत्रों के अनुसार, इस दौरे पर पीएम मोदी और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हेरोन टीपी ड्रोन को लेकर डील हुई। बता दें कि इस 400 मिलियन डॉलर की डील के तहत भारत को 10 हेरोन टीपी ड्रोन मिलेंगे। यह ड्रोन मिसाइल से लैस है और खूफिया जानकारी जुटाने और जासूसी करने में बेहद कारगर है। मिसाइल से लैस होने के कारण यह दुश्मनों पर हमला भी कर सकता है।

अमेरिका से भी 22 प्रीडेटर गार्जियन खरीद रहा भारत

बता दें कि भारत, अमेरिका से भी 22 प्रीडेटर गार्जियन ड्रोन खरीद रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि भारत अपनी सीमाओं की चौकसी के प्रति गंभीर है और उसी को ध्यान में रखते हुए भारत ये ड्रोन्स की डील कर रहा है।

हथियारों का निर्यात बढ़ाएगा भारत

भारत वर्तमान में इजरायल से करीब 70-100 अरब रुपए के हथियारों का आयात करता है। वहीं इस दौरे के बाद यह आयात अगले 5 सालों में 150 अरब रुपए तक होने की संभावना है। वहीं दूसरी तरफ इजरायल को भारत के रुप में निवेश के लिए बड़ा बाजार मिल जाएगा।

इजरायल को होगा बड़ा फायदा

इजरायल के अस्तित्व को मुस्लिम देश अभी भी नकारते हैं। ऐसे में इजरायल भारत दौरे से यह संदेश देना चाहता है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी उसका समर्थन करता है। इसके साथ ही इजरायल भारत के सहारे अरब देशों के साथ भी अपने कूटनीतिक संबंध स्थापित करना चाहता है।