हिन्दू को मुर्ख बनाने के लिए सफ़ेद झूठ फैला रहे सेक्युलर तत्व, "अमरनाथ गुफा की खोज मुस्लिम ने की"


कई टीवी चैनल वाले बार-बार दिखाते रहते हैं कि अमरनाथ गुफा की खोज एक मुस्लिम गडरिये ने सोलहवीं सदी में की थी!
और अमरनाथ यात्रा पर गए हिन्दू तीर्थ  यात्रियों के इस्लामिक आतंकियों द्वारा कत्लेआम के बाद तो बहुत से सेक्युलर तत्व इस झूठ को बड़ी ही तेजी से बोलकर हिन्दू को मुर्ख बनाने के अपने व्यापार में लग गए है 

देखिये किस प्रकार ये लोग महाझूठ फैला रहे है 

महाझूठ फैलाती मुस्लिम फिल्मबाज़ दिया मिर्ज़ा 

महाझूठ फैलाता कांग्रेस का ईसाई नेता दिग्विजय सिंह 

इन लोगों के अनुसार 1850 में एक मुस्लिम ने अमरनाथ गुफा की खोज की 
और उस से  पहले अमरनाथ गुफा भी कोई जगह है, जहाँ भगवान शिव का प्रतिक यानि बर्फ का शिवलिंग बनता है 
ये हिन्दुओ को पता ही नहीं था, और कोई बाबा बर्फानी के दर्शन करने नहीं  जाता था 

1850 के बाद ही हिन्दू बाबा बर्फानी के बारे में जान सके और एक मुसलमान के कारण ऐसा हो सका 
 अब आपको हम जो जानकारी देने वाले है उसे ध्यान से पढ़िए, और सिर्फ आप ही नहीं बल्कि पुरे देश को सेकुलरों के महाझूठ से बचाइए 

* 12वी शदी में महाराज अनंगपाल ने अमरनाथ गुफा की यात्रा की थी महारानी सुमन देवी के साथ
जी हां, 1850 से सदियों पहले ही हिन्दू महाराजा ने अमरनाथ यात्रा की अपनी पत्नी के साथ 

* और इस बात का जिक्र 16वी सदी में लिखी गयी की किताब "वंशचरितावली" में है, ये किताब आज  भी मौजूद है 

* इसके अलावा कल्हण की "राजतरंगिनी तरंग द्वितीय" में उल्लेख मिलता है कि कश्मीर के राजा सामदीमत शिव के भक्त थे और वे पहलगाम के वनों में स्थित बर्फ के शिवलिंग की पूजा करने जाते थे!
बर्फ का शिवलिंग कश्मीर को छोड़कर विश्व में कहीं भी नहीं है!

* इसके अलावा "बृंगेश संहिता, नीलमत पुराण, कल्हण की राजतरंगिनी" आदि में अमरनाथ तीर्थ का बराबर उल्लेख मिलता है!

ये सारे किताब 1850 से पहले लिखे गए 

बृंगेश संहिता में कुछ महत्वपूर्ण स्थानों का उल्लेख है!
जहां तीर्थयात्रियों को अमरनाथ गुफा की ओर जाते समय धार्मिक अनुष्ठान करने पड़ते थे!
उनमें अनंतनया (अनंतनाग)
माच भवन (मट्टन)
गणेशबल (गणेशपुर)
मामलेश्वर (मामल)
चंदनवाड़ी (2,811 मीटर)
सुशरामनगर (शेषनाग, 3454 मीटर)
पंचतरंगिनी (पंचतरणी, 3,845 मीटर)
और अमरावती शामिल हैं!

इन मीडियो वालो और सेकुलरों ने भी झूठ को बढ़ा चढ़ा कर दिखाने में एक कसर न छोड़ी!
इनके महाझूठ से पुरे देश को बचाये, 1850 से भी पहले हिन्दू बाबा बर्फानी के दर्शन करते रहे है