हद कर दी : आतंकी याकूब के प्रेमी गोपाल गाँधी के बचाव में एक के बाद एक झूठ बोलती कांग्रेस




गोपाल कृष्ण गाँधी को कांग्रेस ने अपना उपराष्ट्रपति उमीदवार बनाया 
ठीक है ये कांग्रेस की मर्जी है 

गोपाल कृष्ण गाँधी परिवारवादी है, गाँधी का पोता है, परिवारवाद कांग्रेस की परंपरा है कोई नयी चीज नहीं 
कांग्रेस ये भी स्वीकार कर ले की गोपाल कृष्ण गाँधी आतंकी याकूब मेमन का प्रेमी है 
साथ ही साथ औरंगजेब का भी भक्त रहा है 

इसमें क्या है, कांग्रेस का ही तो ये संस्कार है, इस्लामिक आतंकवाद और दुर्दांत इस्लामिक हमलावरों से प्रेम 
पर कांग्रेस अपने उमीदवार के बचाव में एक के बाद एक झूठ बोल रही है, बड़ी ही बेशर्मी से झूठ बोल रही है 

अब देश गोपाल कृष्ण गाँधी को याकूब मेमन का प्रेमी बता रहा है 
तो कांग्रेस के प्रवक्ता हर जगह गोपाल कृष्ण गाँधी का पक्ष लिए घूम रहे है, उसका बचाव कर रहे है 

लगभग हर चैनल पर कांग्रेस के प्रवक्ता कह रहे है की 
"कांग्रेस 1931 से ही मौत की सजा के विरोध में रही है, कांग्रेस ने हमेशा मौत की सजा का विरोध किया है, और ऐसा हमने मोहनदास गाँधी से सीखा है"

नोट : ये वही मोहनदास गाँधी है जिसने इरविन से कहा था की भगत सिंह को फांसी दे दो, देश में कोई फर्क नहीं पड़ेगा 

आज कांग्रेस बता रही है की मोहनदास गाँधी मौत की सजा के खिलाफ थे, और कांग्रेस हमेशा से ही मौत की सजा के खिलाफ रही है 

नोट : इसी कांग्रेस की सरकार ने, अर्थात नेहरू सरकार ने 
गाँधी का वध करने पर महात्मा गोडसे को फांसी पर लटका दिया था, अगर गाँधी और कांग्रेस मौत की सजा के खिलाफ रहे है वो भी 1931 से तो महात्मा गोडसे को किसने मौत की सजा दी 

आतंक और औरंगजेब प्रेमी गोपाल कृष्ण गाँधी के बचाव में एक के बाद एक बेशर्मी भरा झूठ बोल रही है कांग्रेस