दोगले कट्टरपंथी "जय भीम जय मीम" बोल सकते है, पर वंदे मातरम नहीं, नमकहरामी की हद हो गयी !



कट्टरपंथियों ने हद ही कर दी है 
वंदे मातरम का इतना विरोध, जैसे वंदे मातरम से इस्लाम इतने खतरे में आ जायेगा की ख़त्म ही हो जायेगा 

वारिस पठान नाम का AIMIM विधायक महाराष्ट्र में बोलता है की 
जान दे दूंगा पर वंदे मातरम नहीं बोलूंगा, वहीँ सपा नेता अबू आज़मी बोलता है की देश छोड़ सकता हूँ पर वंदे मातरम नहीं कहूंगा 

आपकी जानकारी के लिए बता दें की वंदे मातरम का सीधा मतलब है 
देश को नमस्कार, देश को सलाम 

ये कट्टरपंथी इस्लाम के नाम पर वंदे मातरम का विरोध कर रहे है, कहते है की इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी की जय नहीं कर सकते, किसी को सलाम, किसी की पूजा नहीं कर सकते 

पर यही कट्टरपंथी आये दिन "जय भीम जय मीम" का भी नारा लगाते है 
हिन्दुओ को जातियों में तोड़ने, दलितों को हिन्दुओ से अलग करने के लिए ये कट्टरपंथी "जय भीम जय मीम" का नारा आसानी से लगाते है 

आये दिन ये कटरपंथी किसी नेता, पाकिस्तान की जय करते रहते है 
पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाते है, ओवैसी जिंदाबाद का नारा लगाते है, तब इनका इस्लाम खतरे में नहीं पड़ता 

अल्लाह के अलावा ये किसी और का जिंदाबाद, जय भीम कैसे कर सकते है 
इनको वंदे मातरम से समस्या है, असल चीज ये है की कटरपंथी दोगलेपन से भरे हुए है, और वंदे मातरम का विरोध बस मजहबी उन्माद फैलाने के लिए है