भारतीय सेना ने डोकलाम में गाड़ा तंबू, कहा "नहीं हटेंगे पीछे, चीनियों में दम हो तो हटा के दिखाएं"


भारतीय सेना लंबे समय तक चीन, भारत और भूटान के बॉर्डर से सटे डोकलाम में चीन के खिलाफ डटे रहने की तैयारियों में जुट गई है। भारतीय सैनिक यहां तंबू गाड़कर बैठ गए हैं। जवानों का कहना है कि कुछ भी हो जाए लेकिन अब हम पीछे नहीं हटेंगे।

चीन के खिलाफ बैखौफ सेना के जवान डोकलाम में तंबू गाड़ लिए हैं। इन जवानों का कहना है कि अब कुछ भी हो जाए हम यहां से नहीं हिलेंगे। डोकलाम में भारतीय सैनिकों के इस कदम से ये साफ होता है कि सेना के जवान यहां से तब तक नहीं हटेंगे जब तक जब चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी वहां से अपने सैनिक नहीं बुलाती। 

भारतीय सेना के जवानों का कहना है कि चीन हमें झुकाने की जितनी कोशिश करेगा हम उसका डटकर सामना करेंगे। चीन के किसी भी तरह के दबाव में भारतीय सेना नहीं झुकेगी। 

दूसरी तरफ चीन अपनी बात पर अडिग है कि वह किसी भी तरह का भारत के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। भारत में इस क्षेत्र को डोका ला नाम से बुलाता है, भूटान इसे डोकलाम कहता है, जबकि चीन इसे अपने डोंगलांग क्षेत्र का हिस्सा बताता है।

हालांकि, चीन भारत के जवानों को वापस बुलाने की मांग कर रहा है, लेकिन ये भारत के सैनिक इतने जल्दी हार मानने वालों में से नहीं हैं। इस इलाके में ये सैनिक तंबू लगाकर रह रहे हैं। मिली जानकारी के सिक्किम सेक्टर में लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर दोनों देशों की सेनाएं तैनात हैं।

दोनों देशों ने  साल 2012 में विभिन्न स्तरों पर समझौते के माध्यम से सीमावर्ती विवादों को हल करने के लिए तंत्र पर सहमति दी थी। लेकिन इस तंत्र पर अभी तक मौजूदा मामले में काम नहीं किया है क्योंकि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में चीन द्वारा किए गए प्रयास तीन हफ्तों से अधिक समय तक खींच चुका है। 

नई दिल्ली ने पहले ही बीजिंग को बताया है कि ऐसी कार्रवाई भारत के लिए महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करेगी। रोड लिंक भारत को चीन पर एक बड़ा सैन्य लाभ दे सकता है।