देशद्रोहियों आतंकियों व जिहादियों को जम्मू कश्मीर की जेलों में रोज बिरयानी, मुर्गा खिलाया जाता है !


2015 के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक एक कैदी पर
दिल्ली में 31 रुपये 31 पैसे.. गोवा में 32 रुपये 83 पैसे.. महाराष्ट्र में 34 रुपये 22 पैसे.. गुजरात में 35 रुपये 38 पैसे.. कर्नाटक में 76 रुपये 76 पैसे.. सिक्किम में 80 रुपये 77 पैसे खर्च होते हैं !!

तो वहीं जम्मू-कश्मीर में सरकार कैदियों को खिलाने पर रोजाना 110 रुपये 33 पैसे खर्च करती है ।

राजस्थान, पंजाब और बिहार जैसे राज्यों में भी कैदियों को खिलाने पर सरकार ज्यादा खर्च नहीं करती है। हिंदुस्तान में कैदियों को खिलाने पर सरकार का औसत खर्च 52 रुपये 42 पैसे है। मतलब, जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद आतंकवादियों और पत्थरबाजों को खिलाने पर पूरा ध्यान दिया जाता है। दिल्ली, गोवा और महाराष्ट्र के कैदियों से तीगुनी बड़ी थाली परोसी जाती है।

अगर इस प्रकार की खातिरदारी देशविरोधी गद्दारों को मिलती रहेगी तो गद्दार तो पैदा होते ही रहेंगें,, आखिर सरकारें क्या आँख मुंड कर सो रही हैं जो इस प्रकार की घटनाओं पर उनकी नजर नहीं जाती?? ये कमीने नेता खुद तो देश को खा ही रहे हैं और अपने दामादों को भी खिला रहे हैं !!

हम आपको एक ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं जो बरसों पुरानी हकीकत है, लेकिन किसी का भी ध्यान इस तरफ नहीं गया। जिस देश के गरीब की थाली की कीमत 25-30 रुपए आंकी जाती है, वहां जेल में बंद खतरनाक आतंकवादियों, अलगाववादियों और पाकिस्तान परस्तों को रोज 110 रुपए से भी ज्यादा की थाली दी जी रही है।

यह जानकार आपका ही नहीं हर हिंदुस्तानी का खून खौल जाएगा कि जहां जेल में बंद आतंकवादियों के एक दिन के खाने पर सरकार 110 रुपए खर्च कर रही है, तो वहीं एक फौजी अफसर के रोज के राशन पानी की कीमत सिर्फ 96 रुपए आंकी गई है। आतंक से लड़ रहे हिंदुस्तान में इतना बड़ा भेदभाव क्यों है।

देश के खिलाफ गद्दारी और साजिश करने वाले कैदियों की तुलना में फौज और पैरा-मिलिट्री के जवानों को कम राशन-पानी मिलता है। आखिर जम्मू-कश्मीर की जेलों को किसने पत्थरबाजों और आतंकियों के लिए स्वर्ग बनाया? क्या देश के खिलाफ साजिश करनेवालों को जेल में 36 भोग पसोसा जाना चाहिए