हिन्दू बच्चियों को फंसाया, बेचने के लिए ले आया दिल्ली, गिरफ्तार हुआ लव जिहादी अफरोज



बिहार के सुपौल जिले के अंतर्गत वीरपुर थानाक्षेत्र से भगाकर दिल्ली लाई गई दो सगी बहनों को दिल्ली के पहाड़गंज स्थित होटल सीपी प्लेस से बरामद कर लिया गया। ¨हदू परिवार की दोनों बहनों को मुस्लिम युवक द्वारा भगा ले जाने से वीरपुर के बलुवा बाजार में दो समुदायों में बेहद तनाव की स्थिति बनी हुई है। 

स्थानीय लोगों ने थाना पुलिस को बीते शनिवार तक दोनों बहनों को ढूंढ निकालने का अल्टीमेटम दिया था। बिहार पुलिस की सूचना पर शनिवार से पहले दिल्ली पुलिस ने दोनों बहनों को बरामद कर व आरोपी को दबोचकर बिहारपुलिस को सौंप दिया।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक बलुवा बाजार की रहने वाली दोनों बहनों की उम्र 19 व 15 साल है। 19 साल की युवती की घटना से चार दिन पहले ही शादी हुई थी। बीते 5 जुलाई को वीरपुर का ही रहनेवाला मो.अफरोज प्रेमजाल में फंसाकर दोनों बहनों को बहला फुसलाकर दिल्ली ले आया।

 बिहार से दिल्ली पहुंचकर 6 जुलाई को अफरोज पहले दोनों बहनों को लेकर गुरुग्राम में अपने दोस्त के यहां ठहरा। शक होने पर जब मकान मालिक ने पुलिस को कॉल कर दिया तब दोनों बहनों को लेकर वह दिल्ली आ गया और पहाड़गंज के होटल सीपी प्लेस में ठहर गया।

उधर, बिहार पुलिस ने लड़कियों के मोबाइल का लोकेशन पहाड़गंज में पाकर तुरंत पहाड़गंज थाना पुलिस को सूचना दे दी। दिल्ली पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि बिहार के नंबर को बंद कर युवती ने दिल्ली से एक सिम लेकर बात कर रही है। दिल्ली का नंबर भी बंद आने पर पुलिस ने सीडीआर व लोकेशन के आधार पर पहाड़गंज के होटलों की तलाशी लेनी शुरू कर दी। सात जुलाई की देर रात चौकी इंचार्ज संगत राशन देवेंद्र प्रणव की टीम ने दोनों बहनों को होटल से बरामद कर मो. अफरोज को भी दबोच लिया। 

रात में ही इस संबंध में वीरपुर थाना पुलिस को सूचना दे दी गई, जिससे बिहार पुलिस ने राहत की सांस ली। आठ जुलाई को तीस हजारी कोर्ट में पेश कर आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिहार पुलिस को सौंप दिया गया। बिहार पुलिस लव जिहाद आदि सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

पांच जुलाई को अचानक दोनों बहनों के घर से लापता हो जाने पर परिजनों ने स्थानीय वीरपुर थाने में मो. अफरोज के खिलाफ अपहरण व आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा दिया था। बिहार के पुलिस निदेशक तक बात पहुंचने पर स्थानीय पुलिस पर दोनों बहनों को जल्द से जल्द बरामद करने का दबाव था।