भारत की ताकत का अंदाजा लगाने में चीन ने की है बड़ी भूल, अब उसे भुगतना होगा : यूरोपियन पार्लियामेंट



चीन को भारत की इतनी कड़ी प्रतिक्रिया का अंदाजा नहीं था…

सिक्किम (Sikkim) सीमा पर डोकलाम (Dokalm) क्षेत्र में भारत की इतनी कड़ी प्रतिक्रिया का अंदाजा चीन को नहीं था. यूरोपीय संसद के वाइस प्रेजिडेंट ने टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि चीन (China) को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि भारत भूटान (Bhutan) सीमा की रक्षा के लिए इतने कड़क अंदाज में पेश आएगा. बता दें कियूरोपीय संसद ने डोकलाम विवाद का जिक्र करते हुए लिखा है, “16 जून को डोकला में सड़क बनाने का एकतरफा फैसला उसकी गलत विदेश नीति का हिस्सा है”.

दरअसल भूटान ने चीन के इस कदम का सही कूटनीतिक रास्ते के जरिए विरोध जताया था. चीन को इस बात का अहसास था कि भूटान ऐसा की करेगा. लेकिन उसे बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि भारत अपने पड़ोसी भूटान की मदद के लिए इतनी ताकत से आगे आएगा.

 उन्होंने कहा कि चीन यह मानकर चल रहा था कि भूटान उसके इस कदम का सेना के जरिए तो कम-से-कम विरोध नहीं ही जताएगा. उसे भरोसा था कि जोम्पेलरी में वह सड़क का निर्माण कुछ सप्ताह में कर लेगा, जिससे उसे बड़ा रणनीतिक फायदा मिलता.

यूरोपीय यूनियन के वाइस प्रेजिडेंट ने कहा हालांकि सबकुछ चीन की योजना के अनुसार नहीं हुआ. भारतीय सेना ने भूटान सरकार से बात करने के बाद यथास्थिति के लिए कदम उठाया. यही बात संभवत: चीन के अंदाज के परे रही. चीनी विदेश मंत्रालय और उसकी सरकारी मीडिया ने वही घिसे-पिटे पुरानी बातें दोहरानी शुरू कर दीं. चीनी मीडिया ने भारत को 1962 युद्ध की याद दिलाई.

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