वीडियो : चीन बॉर्डर के लिए हजारों सैनिक रवाना, स्पेशल ट्रैन से सेना और टैंक्स भेजे गए !


मोदी सरकार के कड़े तेवरों का नतीजा और वो देश से किया वादा में देश नहीं झुकने दूंगा उसका असर आज साफ़ नजर आ रहा है,चीन को उसकी औकात दिखाने वाली पहली बार कोई सरकार भारत में आई है !

प्रधानमंत्री मोदी ने दिखा दिया अगर सरकार में दम हो तो कुछ भी किया जा सकता है.चीन जैसे देश को पहली बार भारत में टक्कर देने वाली सरकार मिली है.आज तक चीन के दबाव में भारत काम करता था लेकिन सरकार के बदलते ही सब कुछ बदल गया.मोदी ने चीन जैसे घमंडी देश को उसकी औकात दिखा दी है और इसका सबसे बड़ा सबूत सिक्किम डोकलाम इलाके के विवाद पर भारत का जो कड़ा रुख है उससे चीन बुरी तरह पस्त है.

आपको बता दें चीन ने हजारों टन सैन्य साजो समान तिब्बत भेजा है और उसके जवाब में भारत ने भी जबलपुर से चीन बॉर्डर के लिए हजारों सैनिक रवाना किए ,एक अकेली ट्रैन सिर्फ जवानों के लिए ही थी जिसमें हथियार और हजारों की संख्याँ में जवान थे.यानि भारत ने भी निर्णय कर लिया है नही झुकेंगे चीन के आगे युद्ध तो युद्ध ही सही.



एक तरफ पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है तो दूसरी और चीन लेकिन भारत दोनों ही मुद्दों पर दोनों देशों को पीछे धकेलने पर कामयाब हो चूका है.भारत और चीन के बीच सिक्किम के डोकलाम इलाके को लेकर विवाद चल रहा है.

चीन उस इलाके में सडक बनाना चाहता है और अगर चीन इसमें कामयाब हो जाए तो वो सीधा भारत के लिए मुश्किल खड़ी करेगा.चीन की तरफ से सोचा गया था इस बार भी हर बार की तरह भारत को युद्ध की धमकी देंगे और भारत पीछे हट जाएगा.लेकिन चीन की ये सोच उस पर ही भारी पड़ी आज भारत की सेना वहां डटी हुई है और मोदी सरकार ने हजारों सैनिक और रवाना कर दिए हैं देखें ये विडियो.


मध्यभारत की सबसे बड़ी सैन्य छावनी जबलपुर में है.यहां एक दर्जन से अधिक सेना की कंपनियों के हेडक्वार्टर मौजूद हैं.यहीं नहीं यहां आयुध निर्माणियां भी अन्य जिलों की अपेक्षा ज्यादा है. पिछले दो दिनों से इस शहर में सैन्य हलचल तेज हो गई है.यहां स्टेशनों पर सैनिकों की रवानगी बड़ी संख्या में हो रही है.मोदी सरकार का साफ़ संदेश हम भी है तैयार नही झुकेंगे किसी के आगे.

सूत्रों की मानें तो चीन सीमा पर बढ़ रहे दबाव और प्रधानमंत्री द्वारा डटे रहने की बात के बाद वहां सेना तैनात की जा रही है.वहीं हर परिस्थिति से निपटने के लिए सेना को तैयार किया जा रहा है.ताकि वक्त पडऩे पर तत्काल सैनिक मोर्चे पर भेजे जा सकें !