मोदी की यात्रा देशहित में है, जिनकी भावनाएं आहात हो रही है उनकी भावना अरब से है भारत से नहीं !!



असदुद्दीन ओवैसी नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा का विरोध कर रहा है 
साथ ही JNU के तथा देशभर के वामपंथी और सेक्युलर तत्व भी नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा का विरोध कर रहे है 

नरेंद्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जो इजराइल गए है 
इसके पहले किसी  प्रधानमंत्री ने इजराइल की यात्रा नहीं की, क्यूंकि उन्होंने हमेशा मुस्लिम तुष्टिकरण को देशहित से पहले और ऊपर रखा 

इजराइल दुनिया में तकनीक के छेत्र में वर्ल्ड लीडर है 
भारत को वो तकनीक मिलते है, जैसे ड्रोन, साइबर सिक्योरिटी, बॉर्डर फेंसिंग तो भारत को बहुत लाभ है 

पर भारत के दुश्मन यही तो नहीं चाहते की भारत का लाभ हो 
इसी कारण उनको मोदी की इजराइल यात्रा से समस्या है, आपत्ति है 

सेकुलरों और वामपंथियों का तो ये कहना है की मोदी इजराइल गए तो उनको फिलिस्तीन भी जाना चाहिए 
इजराइल की यात्रा से देश के मुसलमानो की भावनाएं आहात हो रही है 

बता दें की देश के असल दुश्मन ये वामपंथी और सेक्युलर ही है 
चूँकि पाकिस्तान के खिलाफ भारत का साथ इजराइल देगा फिलिस्तीन नहीं, 1999 में भारत की मदद इजराइल ने की थी फिलिस्तीन ने नहीं 

साफ़ होता है की इजराइल से रिश्ते भारत के लिए फायदेमंद है, फिलिस्तीन तो एक आतंकवादी देश भी नहीं बल्कि आतंकी संगठन है, पाकिस्तान चीन के खिलाफ भारत का साथ इजराइल देगा न की फिलिस्तीन 

और जिन लोगों की मोदी की इजराइल यात्रा से भावनाएं आहात हो रही है 
वो लोग इस  देश का भला चाहने वाले लोग नहीं है, इन लोगों की भावनायों फिलिस्तीन और अरब, साथ ही पाकिस्तान से जुडी हुई है, भारत से नहीं