एक और इस्लामिक देश आया भारत के साथ, टर्की ने कहा "तनाव न फैलाये चीन, वरना मौत बरसेगी"


दुनिया में सबसे खतरनाक हथियार बनाने वाले मुस्लिम देश तुर्की ने चीन को चेतावनी दी है कि वो भारत के खिलाफ साजिशें ना रचे

तुर्की ने कहा है कि भारत के खिलाफ साजिश रचकर चीन एशिया को अशांत कर रहा है। इस मुस्लिम देश ने वादा किया है कि वो भारत का हितैषी है और उसकी हमेशा मदद करेगा। 

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने ये तो ज़रूर कहा कि तुर्की आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है, और 24 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की निंदा करता है - यानी सुकमा में नक्सली हमले की निंदा। हालांकि कश्मीर पर भी कुछ नहीं कहा।

भारत और तुर्की के बीच ऐतिहासिक रिश्ते हैं। यहां तक कि भारत ने 1920 में तुर्की की आज़ादी की लड़ाई को भी समर्थन दिया था और खुद महात्मा गांधी ने पहले विश्व युद्ध के खत्म होने के वक्त तुर्की पर अन्याय की बात की थी। 

 प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के सभी देशों को एक होकर आतंकी नेटवर्कों, उनको आर्थिक मदद देने वालों को रोकना होगा और सरहदों के पार जाने वाले आतंकवादियों को रोकना होगा। 

इन सभी देशों को उनके खिलाफ भी खड़े होना होगा और कार्रवाई करनी होगी जो आतंकवादी बनाते, उनकी मदद करते, शरण देते और आतंकवाद फैलाते हैं। सीधा इशारा पाकिस्तान की तरफ था