धर्म के आधार पर इजराइल के निर्माण का विरोध करने वाले गाँधी-नेहरू ने पाक का निर्माण करवाया



आप जानकार चौंक जायेंगे की 
इजराइल के निर्माण का मोहनदास गाँधी और जवाहर लाल नेहरू ने खूब विरोध किया था 

लगातार 10 सालों तक दोनों ने मुस्लिम लीग को खुश करने के लिए इजराइल के निर्माण का विरोध किया था 
ये विरोध दोनों ने 1930-40 के बीच किया था 

मोहनदास गाँधी ने तो लिखित में इजराइल का विरोध किया था 
मोहनदास गाँधी और जवाहर लाल नेहरू ने इजराइल के निर्माण के विरोध में कहा था की, "हम धर्म के आधार पर किसी भी देश के निर्माण के सख्त खिलाफ है, धर्म के आधार पर किसी देश का निर्माण नहीं हो सकता"

बता दें की इजराइल का निर्माण यहूदी देश के तौर पर होना था 
और गाँधी तथा नेहरू ने धार्मिक आधार पर इजराइल के निर्माण का विरोध किया था 

Image result for nehru voting for pakistan

पर इसी मोहनदास गाँधी और जवाहर लाल नेहरू ने 
मजहब के आधार पर 1946-47 में माउंटबैटेन को पाकिस्तान बनाने की अपनी सहमति दे दी 
और उसी के बाद अंग्रेजी अफसरों ने 2-2 इस्लामिक पाकिस्तान बनाये, मजहब के  आधार पर पाकिस्तान बनाये गए 

 मोहनदास गाँधी एक उच्च दर्जे का धरनेबाज भी था, अक्सर धरने प्रदर्शन करता था 
पर पाकिस्तान के निर्माण को रोकने के लिए मोहनदास गाँधी ने कोई धरना नहीं किया, जवाहर लाल नेहरू ने तो बाकायदा हाथ उठाकर भारत के टुकड़े करने के लिए वोट दिया 

Image result for nehru voting for pakistan
मजहब के आधार पर भारत के टुकड़े करने के लिए हाथ उठाकर वोटिंग करता नेहरू 

1940 तक ये लोग धर्म के आधार पर देश बनाने के खिलाफ थे, पर 1947 आते आते मजहब के आधार पर पाकिस्तान बनाने के लिए दोनों ने अपनी स्वीकृति दे दी