हद मचाई हुई है सेकुलरों ने : ऐसी भयानक सांप्रदायिक नेता को "सेक्युलर" बताया जाता है



2002 के दंगो के 1 दंगो के लिए 
नरेंद्र मोदी जिम्मेदार है, सांप्रदायिक है, मौत के सौदागर है, कातिल है, हैवान है 

तो सैंकड़ो दंगो के लिए ममाता बनर्जी कैसे सेक्युलर बनी हुई है ?
हिन्दुओ के खिलाफ हर महीने पश्चिम बंगाल में दंगे होते है, कई दंगे तो सोशल मीडिया की नजर में भी नहीं आते 
पश्चिम बंगाल में ये सामान्य सी बाते हो चुकी है 

कुछ जिलों के नाम जानिये, मुर्शिदाबाद, मालदा, दक्षिणी 24 परगना 
ये तमाम इलाके ऐसे है जहाँ पर हिन्दुओ पर भीषण अत्याचार किये जाते है, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा पर रोक, यहाँ तक की हिन्दुओ को अपने शव जलाने में भी दिक्कत आती है 
पाकिस्तान से हालात है 

इन सबके बाबजूद ममाता बनर्जी सेक्युलर नेता कहलाती है 
उत्तरी 24 परगना जिले में जिहादी भीड़ मजहबी नारे लगाते हुए मौत का खेल खेलती रही, पर ममाता बनर्जी ने 1 भी गोली नहीं चलवाई 
क्यूंकि यहाँ दंगाई जिहादी समुदाय से है 

वहीँ दार्जलिंग में ममाता बनर्जी ने गोलियां चलवाई और कई गोरखाओं को मार दिया गया 
क्यूंकि  वो हिन्दू समुदाय से है 

संप्रदाय के आधार पर ममाता बनर्जी इमाम, मौलवियों को हर महीने तनख्वाह देती है 
मदरसों और मस्जिदों के संचालन के लिए साल 2017 में 2815 करोड़ रुपए दिए, पर हिन्दू मंदिरों के लिए कुछ नहीं

खुलेआम सांप्रदायिक का नंगा नाच चल रहा है ममाता सरकार में 
इन सबके बाबजूद ममाता बनर्जी सेक्युलर नेता है