इतिहास गवाह है, इस कोंग्रेसी खानदान ने देशहित को हमेशा जूते की नोक पर रखकर, देश बर्बाद किया !



इतिहास गवाह है, इस कोंग्रेसी खानदान ने देशहित को हमेशा जूते की नोक पर रखकर, देश बर्बाद किया ! 
जी हां हम बिलकुल सही कह रहे है 

अक्सर ये कांग्रेस के लोग, कहते है की कला और खेल को राजनीती से ऊपर रखना चाहिए 
और पाकिस्तान के साथ खेल और कला के सम्बन्ध कायम रखने चाहिए 

इसी कांग्रेस ने 1982 में भारत में हुए एशियन गेम्स में मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए इजराइल के खिलाडियों पर रोक लगा दिया था, वहीँ पाकिस्तान के खिलाडियों को खेलने के लिए दिल्ली आने दिया था 

इसके अलावा 6 फ़रवरी 1975 को कलकत्ता में हुए टेनिस टूर्नामेंट में भी इंदिरा गाँधी ने इजराइल के खिलाडियों को खेलने नहीं दिया, जबकि इस टूर्नामेंट में इंदिरा गाँधी ने फिलिस्तीन के खिलाडियों को खेलने पूरी छूट दी 

सिर्फ तुष्टिकरण के कारण इंदिरा गाँधी ने ऐसा किया 
कांग्रेस पार्टी और इस खानदान ने हमेशा तुष्टिकरण के सामने देशहित को जूते की नोक पर रखा 
और देश को बर्बाद करने में इस खानदान का अहम् योगदान भी है