ब्रेकिंग न्यूज़ : चीन ने डोकलाम पर मानी हार, विदेश मंत्री ने कहा, "हम अपने सारे सैनिक हटाएंगे"


चीन ने आज कहा कि डोकलाम पर अब वो सैन्य कार्रवाई करने के पक्ष में नहीं है। CHINA के विदेश मंत्री वान्ग ली ने कहा कि CHINA ARMY डोकलाम से अपने अतिरिक्त सैनिक हटाएगी। 

साथ ही उन्होंने भारत से भी कहा है कि वो भी अपने अतिरिक्त सैनिक वहां से हटाए। चीन ने कहा है कि भारत को अपने राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सिक्किम सेक्टर में डोकलाम इलाके में अनाधिकार प्रवेश नहीं करना चाहिए और किसी टकराव से बचने के लिए उसने नयी दिल्ली से तुरंत अपने सैनिकों को हटाने को कहा। 

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह भारत के साथ टकराव पर बीजिंग में विदेशी मिशनों के साथ ‘‘करीबी संपर्क’’ में है लेकिन इसकी पुष्टि करने से इंकार कर दिया कि क्या उसने मुद्दे पर उन्हें खास तौर पर अवगत कराया है।

कथित अवगत कराए जाने के बारे में पूछे जाने पर मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, ‘‘भारतीय सीमा कर्मियों की ओर से अवैध प्रवेश के बाद से चीन में कई विदेशी राजनयिक इस पर हैरान हैं और पुष्टि करना चाहते हैं कि क्या यह सही है।’’ कांग ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘चीनी पक्ष इस मुद्दे पर दिलचस्पी रख रहे विदेशी राजनयिक मिशनों के साथ करीबी संपर्क में है।’

चीन ने कथित तौर पर पिछले सप्ताह ‘बंद कमरे के भीतर वार्ता की थी’ और भूटान त्रिसीमा (तीनों देशों की सीमा जहां मिलती है) के निकट टकराव के संबंध में अपने पक्ष से अवगत कराया। तीनों देशों की सीमा जहां मिलती है, उसके नजदीक चीन द्वारा सड़क के निर्माण पर पिछले एक महीने से भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच टकराव जारी है। भारत ने तीनों देशों की सीमा के मिलने वाली इस जगह पर सड़क निर्माण पर चिंता प्रकट की है। आशंका है कि इससे चीनी सैनिक पूर्वोत्तर के राज्यों में भारत की पहुंच खत्म कर सकते हैं।

चीन को अवगत कराया गया है कि सड़क निर्माण यथापूर्व स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव होगा जिससे भारत के लिए गंभीर सुरक्षा की स्थिति पैदा होगी। यह पूछे जाने पर क्या चीन ने कथित बैठक में धैर्य जवाब देने के बारे में बताया, लू ने कहा कि बीजिंग ने जोर देकर कहा कि इस घटना में तथ्य बिल्कुल स्पष्ट है। 

उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा के सिक्किम खंड को दोनों तरफ से आपसी तौर पर मान्यता दी गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘इस बार भारतीय सीमा कर्मियों ने सीमा का उल्लंघन कर चीनी क्षेत्र में प्रवेश किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम जोर देते हैं कि भारतीय पक्ष को अपने राजनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने या उस तक पहुंचने के लिए नीतिगत औजार के तौर पर उल्लंघन नहीं करना चाहिए।’’

 एक अन्य सवाल कि क्या बीजिंग ने कहा है कि मुद्दे पर उसका धैर्य जवाब दे रहा है, उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय पक्ष की ओर से अनाधिकार प्रवेश पर अपना रूख हम दोहरा चुके हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपको इसके बारे में बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए। हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष को मौजूदा हालात की स्पष्ट समझ हो सकती है और अवैध तौर पर सीमा पार करने वाले कर्मियों की वापसी के लिए तुरंत कदम उठाया जाए जिससे कि टकराव से बचा जा सके।’’