टूटा जांच एजेंसियों का सब्र, थाने ले जाकर की ऐसी ऐसी जगह की पिटाई, हाथ जोड़ रोये अलगाववादी !


कश्मीर समस्या अपने समाधान की ओर तेजी से बढ़ रही है. झूठा अलगाववाद फैलाने वाले अलगाववादी जेल के अंदर हैं. इतनी आसानी से तो इन छठे हुए बदमाशों के मुँह खुलेंगे नहीं, ऐसे में जांच एजेंसियां अच्छे से तुड़ाई कर-करके सच उगलवा रही हैं. बताया जा रहा है कि अलगाववादियों से बेहद हैरान करने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं.

खबर है कि अलगाववादियों का कनेक्शन भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम से भी है. घाटी में आतंकवाद फैलाने के लिए और आतंकियों को फंडिंग दिलवाने के लिए पाकिस्तान की आईएसआई दाउद के नेटवर्क का इस्तेमाल करती है. पाकिस्तान से पैसे अलग-अलग लोगों के पास से होते हुए भारत में अलगाववादियों तक पहुंचते हैं.

हवाल के इस रैकेट में कई भारतीय व्यापारी भी शामिल है. अलगाववादियों के दाऊद से कनेक्शन का पता लगाने के लिए जांच एजेंसियों ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी है. बेहद शातिर अलगाववादी अदालत के सामने अपने दिए बयानों से मुकर सकते हैं, ऐसे में जांच एजेंसी केस को और भी ज्यादा मजबूत करने के लिए पिछले दिनों गिरफ्तार किए गए 7 अलगाववादियों के लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने जा रही है.

जानकारी के मुताबिक़ जांच एजेंसी को पुख्ता सबूत मिले हैं कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई दाऊद के नेटवर्क का इस्तमाल करके पैसे दुबई भिजवाती है. दुबई से ये पैसे दिल्ली पहुंचते हैं और वहां से कई व्यापारियों की मदद से ये पैसे अलगाववादियों तक पहुंच जाते हैं.

जानकारी अमेरिका से भी मिली है कि लगभग दो साल पहले अमेरिकी जांच एजेंसी ने दाउद के सबसे बड़े फाइनेंसर हवाला आपरेटर अल्ताफ खनानी को गिरफ्तार किया था, उससे पूछताछ के दौरान उसने खुलासे किये कि दाऊद ही इसके पीछे जिम्मेदार है. अमेरिका ने ये जानकारी भारतीय खुफिया एजेंसी के साथ शेयर की है.

जांच एजेंसी अब मौक़ा चूकना नहीं चाहती, जितने भी लोग इसमें शामिल हैं, उन सभी का सफाया करने की तैयारी में है. ऐसे तमाम लोगों की लिस्ट बनायी गई है, जिन्होंने कश्मीर में आतंक फैलाने में अपनी भूमिका निभायी है. संगठित तरीके से पत्थबाजी का षडंयंत्र किया. जांच एजेंसी ने कश्मीर के अलगाववादी नेता गिलानी के बड़े बेटे सहित 30 अन्य लोगों को पूछताछ के लिए समन भी भेजा है.

कई पत्थरबाजों से भी कड़ी पूछताछ के जरिये सच उगलवाया जा रहा है. अलगाववादियों में हड़कंप मचा हुआ है, उन्हें अपना अंत दिखाई दे रहा है. सूत्रों के मुताबिक़ जांच एजेंसी के पास इतने पुख्ता सबूत हैं कि अलगाववादी जेल से कभी बाहर नहीं आएंगे और कश्मीर से पत्थरबाजी और अलगाववाद सदा-सदा के लिए ख़त्म हो जाएगा.