भारत के सभी दुश्मन मोदी की इजराइल यात्रा का कर रहे विरोध, साफ़ है मोदी की यात्रा से भारत को लाभ



अगर हम आपसे सीधा सा सवाल पूछें की भारत के दुश्मन भारत का क्या चाहते है ?

तो इसका बड़ा ही सिंपल जवाब है भारत की बर्बादी, भारत का लाभ न हो, भारत का फायदा न हो 

और जब भी भारत के सारे दुश्मन एक सुर में किसी चीज का विरोध करने लग जाये 
तो उस से साफ़ हो जाता है, की उस चीज से भारत को बहुत फायदा हो रहा है, जिसे भारत के दुश्मन बर्दास्त नहीं कर पा रहे है 

ऐसा ही हो रहा है नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा को लेकर 
तुष्टिकरण में तो पहले के नेताओं ने इजराइल से दुरी बनाई, पर देशहित में मोदी ने इजराइल की यात्रा की 

अब आप स्वयं ही देखिये 
1962 में, 1965, 1971 और 1999 में भारत की मदद किसने की, इजराइल ने न की फिलिस्तीन ने 
पाकिस्तान के खिलाफ भारत का कौन साथ देगा, इजराइल न की फिलिस्तीन 

पर देश के दुश्मनो को इजराइल से अलेर्जी है 
वैसे नोट कीजिये की मोदी की इजराइल यात्रा का विरोध आखिर कौन कौन कर रहा है 

असदुद्दीन ओवैसी नाम के कट्टरपंथी मुसलिम नेता ने मोदी की इजराइल यात्रा का विरोध किया है, साथ ही 
JNU के वामपंथी भी मोदी की इजराइल यात्रा का विरोध कर रहे है 
और कांग्रेस के नेता भी दबे स्वर में ही कह रहे है, मोदी फिलिस्तीन नहीं गए ठीक नहीं किया 

यानि भारत के कट्टरपंथी, भारत के वामपंथी और भारत के सेक्युलर तत्व मोदी की इजराइल यात्रा के विरोध में है 
यहाँ पर आप पाकिस्तान को नहीं मिस कर सकते 
पाकिस्तान की मीडिया भी मोदी की इजराइल यात्रा का विरोध कर रही है, मोदी की इजराइल यात्रा पर पाकिस्तानी मीडिया का कहना है की मोदी कट्टरपंथी है, और इसी लिए  इजराइल गया है 

साफ़ है की भारत के तमाम दुश्मन मोदी की इजराइल यात्रा का विरोध कर रहे है, जिस से एक चीज साफ़ हो जाती है की मोदी की इजराइल यात्रा से भारत का बहुत फायदा है, तभी तो ये लोग विरोध कर रहे है 

वैसे भारत के कट्टरपंथियों, सेकुलरों और वामपंथियों का कई मुद्दों के अलावा इस मुद्दे पर भी 
पाकिस्तान के साथ गठबंधन देखते ही बनता है