वीडियो : हिन्दुओ को ख़त्म कर लाल किले पर इस्लाम का झंडा लहरायेंगे : कश्मीरी इस्लामिक आतंकी




आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता 
कहते कहते आज हम यहाँ पर आ गए, 2017 आ गया, इजराइल जैसे देशों ने, अमरीका ने आतंकवाद पर काबू पाया, क्यूंकि वो समझ गए की आतंकवाद की असल जड़ क्या है 
उन्होंने आतंकवाद के जड़ पर नकेल कसी और वाकई आतंकवाद बहुत कम है 

पर भारत के साथ ऐसा नहीं है, हमने आतंकवाद के असल जड़ पर कभी बात तक नहीं की 
हर बार डायलॉग मार दिया की, "आतंकवाद का कोई मजहब नहीं, आतंकवाद का कोई मजहब नहीं" 

पर असल में ऐसा है नहीं 
क्यूंकि आतंकवादी आतंकवाद किसी अन्य काम के लिए लिए नहीं बल्कि मजहब के नाम पर ही फैला रहे है 
देखें वीडियो, कश्मीर के आतंकवादी आपको खुद बताएँगे की वो क्या चाहते है 
पर आप डायलॉग मारते रहिये की आतंकवाद का कोई मजहब नहीं, तबतक जबतक आतंकवाद खुद आपके दरवाजे पर नहीं  आ जाता 


इस से पहले भी नावेद नाम का आतंकी जो पकड़ा गया था उसने बताया था, उनका मुख्य मकसद तो हिन्दुओ को मारना है 

इस वीडियो को भी आप देख और सुन सकते है 
इसके बाबजूद आप डायलॉग मारते रहिये, की कोई धर्म नफरत नहीं सिखाता, आतंक का कोई मजहब नहीं इत्यादि इत्यादि 

याद रखिये, जो लोग आतंकवाद का बचाव ये कहकर कर रहे है की आतंकवाद का कोई मजहब नहीं 
वो सच में आतंकियों के ही सहयोगी है, जो आपको जागरूक नहीं होने देना चाहते 
क्यूंकि आप जागरूक हुए तो आतंकवाद ख़त्म होगा, पर सोते रहे तो आतंकवाद बढ़ता रहेगा, वैसे उदाहरण भी देख सकते है 

जो हालात 1990 कश्मीर में थे, कश्मीर तो तबाह हुआ 
पर केरल और बंगाल 2017 में कुछ वैसे ही है, आतंकवाद बढ़ा है घटा नहीं, क्यूंकि हम सेकुलरिज्म के नाम पर सो रहे है, सेकुलरों द्वारा मुर्ख बनाये जा रहे है