भारत को अब विस्तारवाद अपनाना चाहिए, पूरा पाक चीन अफगानिस्तान बांग्लादेश ईरान हमारा है !



कड़े शब्दों के लिए क्षमा पर सेकुलरिज्म ने भारत को नपुंसक बना दिया है 
हमने अपनी परंपरा को ही छोड़ दिया है 

भारत में विस्तारवाद की पुरानी परंपरा रही है, हमारे यहाँ धर्म की स्थापना और हिंदवी राज्य के लिए अश्वमेघ यज्ञ हुआ करते थे, भगवान् श्री राम से लेकर युधिष्ठिर तक अश्वमेघ यज्ञ के कई उदाहरण है 

भारत को अब भारत बन जाने की जरुरत है 
और विस्तारवाद की नीति को अपनाने की जरुरत है, भारत की बढ़ती जनसँख्या और अन्य कई समस्यायों के समाधान के लिए विस्तारवाद जरुरी है 

भारत को अपनी पुरानी नीति को अपनाकर उस दिशा में काम करने की जरूरत है 
मक्का मदीना से लेकर पूरी चीन तक सब भारत है, और भारत को अपना विस्तार कर हर जगह भारतीय झंडा गाड़ने की दिशा में काम करना होगा 

अगर आज से हम इस दिशा में काम करेंगे तो ही आने वाले समय में पूरा चीन भारत होगा 
और हर भारतीय के पास चीन में कई कई बीघा जमीनें होंगी 

पाकिस्तान से लेकर अफगानिस्तान और बांग्लादेश तो हमारे ही है, जरुरत है विस्तारवाद की नीति को आगे बढाकर इनपर फिर से कब्ज़ा करने की 
साथ ही साथ पूरा चीन, तिब्बत, ईरान मक्का मदीना, पूरा अरब, और जापान तक सबकुछ भारत का ही है 
यहाँ दूसरों ने कब्ज़ा जमाया हुआ है, अब समय की मांग है की भारत विस्तारवाद को अपनाकर कार्य करने की दिशा में ध्यान दे और धीरे धीरे इन सभी इलाकों को भारत में सम्मिलित कर अखंड हिन्दू राष्ट्र बनाया जाये 
और इसी में भारत का कल्याण है