“एकदम मर्सिलेस होकर कार्यवाई करो, न जिहादियों की लाशें गिनों और न अपनी गोली” : अजीत डोवाल


भारत ने उरी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ क्या रणनीति बनाई थी और सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था ये तो आप जानते ही हो । भारत ने उसके बाद पाकिस्तान और अलगाववादी नेताओं को लेकर ठोस कदम उठाए थे और उनका असर भी दिखा था।

लेकिन अब अमरनाथ यात्रा पर हुए आतंकी हमले के बाद फिर से काफ़ी ज़्यादा तनाव कश्मीर में बढ़ गया है या यूँ कहें कि इसकी वजह से कश्मीरी भी बौखला गए हैं तो कहना ग़लत नहीं होगा , रोज़गार का जो सवाल है , कश्मीर के लोगों को पता है उनकी रोज़ी रोटी भारतियों से चलती है और अगर भारत के लोग पर्यटन और धार्मिक यात्राएँ करना छोड़ दें तो यहाँ काफ़ी लोगों को दिक़्क़त हो जाएगी ।

अब अमरनाथ यात्रा पर हमले के बाद भारत के सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी सेना को खुले तौर पर छुट देते हुए कहा है कि “पाकिस्तान से कोई घुसपैठ कि कोशिश करते दिखे तो मार दो ।कार्यवाई में न तो गोली गिनी जाये और न ही पाकिस्तानियों कि लाशें  गिनी जाये ,जान ले के आओ पाकिस्तानियों की।”

हालाँकि ये बात उन्होंने खुले शब्दों में नहीं कही है पर उनके हाव भाव से स्पष्ट है आने वाले दिन आतंकियों , पाकिस्तानियों और उनकी परस्ती करने वालों के लिए अच्छे नहीं होंगे , काफ़ी जगह बार बार ये इल्ज़ाम भी आ रहा है कि भारत सरकार हर समय कड़ी निंदा का सहारा लेती है और बाद में चीज़ों को भूल जाती है । इसी कड़ी निंदा वाली बात से जुड़ा शिव सेना का ट्वीट पढ़ें

लेकिन दूसरी तरफ़ सरकार के दृष्टिकोण की बात की जाए तो उसने पिछले दस पंद्रह सालों की अपेक्षा काफ़ी कड़ाई से अपना अभियान कश्मीर घाटी में चलाया हुआ है , आतंकियों की धर पकड़ और उनके मारे जाने की घटनाओं में भी तेज़ वृद्धि हुई है । ये भी एक वजह बताई जा रही है जिसके कारण आतंकी बुरी तरह बौखला गए हैं और दुनिया का ध्यान अपनी तरफ़ खींचना चाहते हैं । बता दें कि इस हमले के बाद जम्मू कश्मीर सरकार की एक मीटिंग अभी कुछ समय पहले शुरू हुई है , देखें ANI न्यूज़ का ये ट्वीट

पहले भी कई बार सफल ओपरेशन करके अपनी धाक जमा चुके भारतीय NSA अजीत डोभाल इस बार भी कुछ अलग हटकर करने का पूरा मन बना चुके हैं और आतंकियों पर उनकी चालों का क़हर टूटना भी तय माना जा रहा है , इस बीच सेना को ज़्यादा खुले हाथ मिलेंगे इस सम्भावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता । UPA सरकारों के मुक़ाबले NDA पहले से ही आक्रामक है और अब इस रैवये में बड़ी तेज़ी आने की उम्मीद की जानी चाहिए ।