मजहब के नाम पर देश के साथ फिर एक बार धोखा, सेना में तैनात जुहूर अहमद हथियार चुराकर फरार



एक तरफ देश श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म दिवस मना कर देश की एकता, अखंडता के साथ कश्मीर के समाधान के लिए स्वयं को संकल्पित कर रहा है उसी समय सेना में तैनात होने के बाद भी पूरे भारत का विश्वास तोड़ कर एक सैनियकर्मी जहूर अहमद फ़ौज के हथियारों के साथ फरार हो गया है .. इस घटना से पूरा देश सदमे में है और हतप्रभ हो कर ऐसी नीचता और देशद्रोह की पराकाष्ठा को देख रहा है ..

प्राप्त सूत्रों के अनुसार उत्तरी कश्मीर में तैनात एक फौजी अपने मिले सरकारी अस्त्र शास्त्र व् गोलियों के साथ एकाएक ही लापता हो गया है .. अचानक हुई इस हैरान कर देने वाली वारदात के बाद हाई एलर्ट जारी हुआ है जिसकी रिपोर्ट सेना और पुलिस में अलग अलग दर्ज करवाई गयी है और दोनों को ही इस घटना के पीछे की असली वजह जानने के लिए लगाया गया है और जहूर को किसी भी हालत में तलाशने के लिए निर्देश जारी हुए हैं ..

गायब हुए सैन्यकर्मी का नाम जहूर अहमद है जो दक्षिण कश्मीर के पुलवामा का निवासी था .. उसकी तैनाती उत्तरी कश्मीर के सीमा रेखा से सटेगंटमुला में थी .. वह वर्तमान में फ़ौज की 173 टेरीटोरियल रेजिमेंट में पोस्टेड था ...गत रात में वो अचानक ही गायब हो गया तो उसकी बटालियन में हड़कंप मच गया .. उसके साथ उसकी सरकारी रायफल , मैगजीन , कारतूस , बी पी जैकेट आदि सब गायब थे ..

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार उसके आतंकी संगठन में शामिल हो जाने का शक जताया जा रहा है .. विगत कुछ समय में कश्मीर पुलिस के कुछ जवान आतंकियों से सरकारी हथियारों के साथ जा मिले थे और कई जवान आतंकियों के लिए मुखबिरी के अपराध में पकडे भी गए थे ... इस घटना ने देश को सोचने और जानने के लिए एक बेहद गंभीर और बिलकुल नया मुद्दा दे दिया है ... विस्तृत विवरण प्रतीक्षारत है ..