भूख हड़ताल पर रूसी आदमी, "अदनाम सामी को नागरिकता, मैं तो हिन्दू हूँ पहले मेरा हक़"


उत्तरकाशी में बिना वीजा और पासपोर्ट के खेती करते पकड़ा गया टिहरी जेल में बंद रूसी नागरिक ने पिछले 7 दिन से खाना नहीं खाया है। उसकी हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 उसने संयुक्त राष्ट्र को मेल भेजकर भारत में शरणार्थी बनकर रहने की इजाजत मांगी है। रूसी नागरिक उत्तरकाशी में बिना वीजा और पासपोर्ट के खेती करते पकड़ा गया था। 

उसने संयुक्त राष्ट्र को मेल भेजकर भारत में शरणार्थी बनकर रहने की इजाजत मांगी है। उसका यह भी कहना है कि जब मैने कोई जुर्म नहीं किया तो मुझे जेल में बंद क्यों किया गया।

उत्तरकाशी अभिसूचना इकाई और पुरोला पुलिस ने एक जुलाई को डामटा से गिरफ्तार किया था। यह नागरिक सालों से बिना वीजा और पासपोर्ट के रह रहा था। पुलिस ने फॉरेन अधिनियम के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज कर चार जुलाई को टिहरी जेल भेजा, लेकिन उसने गिरफ्तार होने के दिन से खाना त्याग रखा है।

शुक्रवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी जिला कारागार डॉ. अमित राय ने उसे जेल से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया। डॉ. राय ने बताया कि रूसी नागरिक ने एक जुलाई से खाना त्याग रखा है। वह सिर्फ पानी पी रहा है।

बताया जा रहा कि रूसी नागरिक ने संयुक्त राष्ट्र संघ मेल भेजी है, जिसमें उसने भारत में शरणार्थी बनकर रहने की इजाजत मांगी है। उनका यह भी कहना है कि जब तक उन्हें जेल से रिहा कर शरणार्थी बनकर रहने की इजाजत नहीं दी जाती तब तक खाना नहीं खाएंगे। चेतावनी दी कि यदि रिहा नहीं किया गया तो पानी भी त्याग दूंगा।