कश्मीर पर पाक ने मांगी अमरीका से मदद, ट्रम्प ने कहा, "कश्मीर तुम्हारा था ही कब, नहीं मिलेगी मदद"



 पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अमेरिका से कहा कि भारत के साथ कश्मीर मुद्दा सुलझाने में वह अपनी भूमिका निभाए।

शरीफ ने यह बात सीनेटर जॉन मैक्केन के नेतृत्व में अमेरिकी सीनेटरों के शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही।  कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक हुई थी। बैठक में शरीफ ने ''निहत्थे कश्मीरियों के बर्बर दमन और बड़े पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघनों'' पर गंभीर चिंता जताई।

उनके कार्यालय की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया कि उन्होंने कश्मीर मुद्दे के औचित्य को रेखांकित किया और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी खासकर अमेरिका से कहा कि कश्मीर की जनता के कष्टों को खत्म करने में वे अपनी भूमिका निभाए। वहीं अमेरिका ने साथ शब्दों में कहा कि कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए वह भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता को प्रोत्साहित करता रहेगा। 

उन्होंने साथ ही कहा कि भारत हमारा अहम सहयोगी है। हम उस पर दबाव नहीं डाल सकते। इस्लामाबाद में एक अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सीनेटर जॉन मैक्केन ने वाशिंगटन का रुख दोहराते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान के लिए इस मुद्दे को सुलझाने के लिए वार्ता एक जरूरी आधार है।

पाक अखबार 'डॉन' के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने विदेश मंत्री सरताज अजीज से मुलाकात की और आतंकवाद, पाकिस्तान के साथ भारत और अफगानिस्तान के संबंध और क्षेत्रीय शांति समेत कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।

मैक्केन ने कहा कि कश्मीर समस्या को समझौता के जरिए एक शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए। साथ ही यह भी दो‍हराया कि इस मुद्दे को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव नहीं आया है। दोनों पक्षों के बीच इस बात को लेकर भी सहमति हुई कि अमेरिका और पाकिस्‍तान को क्षेत्र में शांति और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए और सहयोग बढ़ाने की जरूरत है।