अभी अभी : चीन पर अमेरिका ने किया बड़ा हमला दो चीनी विमानों को अमरीका ने ठोका


भारत को आँख दिखाने वाला चीन बना अमेरिका का शिकार..

चीन को सबक सिखाने के लिए अमेरिका ने अपनी नौसेना को खुली छूट दे दी थी। पूर्वी चीन के ऊपर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दरअसल अमेरिकी नौसेना का टोही विमान जब पूर्वी चीन सागर के पास पहुंचा तो दो चीन विमानों ने उसे घेर लिया। जिसके बाद इन तीनों की टक्कर होने से बच गई। अमेरिका के सेना से सम्बंधित मीडिया की ख़बर का ये स्क्रीन शॉट भी देख लीजिए 

 

भारत और चीन की आपसी दुश्मनी से तो आप सब वाकिफ़ ही है. लेकिन क्या आपको ये पता है कि चीन को एक और ताकतवर देश भी पसंद नहीं करता है, वो देश कोई और नहीं बल्कि भारत का दोस्त अमेरिका है. चीन के बेकार आविष्कारों और उनके प्रयोग से अमेरिका बेहद परेशान है, मार्किट में हो रही चोर बाजारी में चीन सबसे आगे है जिस कारण हाल ही में अमेरिका ने उसे अपने देश में किसी भी तरीके की वस्तुओं को बेचने पर बैन कर दिया है ।

मीडिया में आ रही मौजूदा खबर के अनुसार आपको बता दें कि जो चीन भारत को बार-बार ये धमकी देता है कि वो उसके सामने टिक नहीं सकता है, आज उसी घमंड से भरे चीन का अमेरिका ने बुरा हाल कर दिया है. जी हाँ अमेरिका ने चीन के दो लड़ाकू विमानों को रास्ता बदलने पर मजबूर कर दिया है  । 

बताया जा रहा है कि चीन ये दोनों विमान खतरनाक मिसाइल से लैस थे , हालाँकि एक निजी वेबसाइट ने तो ये भी दावा किया है कि अमेरिकी एयर फ़ोर्स ने दो चीनी विमानों को उड़ा दिया है उनकी ख़बर का ये स्क्रीन्शाट लेकिन हम इसकी पुष्टि नहीं करते । ये नीचे दी गयी फ़ोटो वेबसाइट LiveIndia.live के FB पेज का स्क्रीन्शाट है


अमेरिका द्वारा चीन पर किए हमले के पीछे की वजह !!

बता दें कि मंगलवार को US एयरफोर्स ने चीन के जहाजों को ख़तरनाक बताया और जैसे ही अमेरिकी नौसेना का टोही विमान पूर्वी चीन सागर के ऊपर पहुंचा तो दो चीनी लड़ाकू विमानों ने उसे घेर लिया और उसका पीछा करना शुरू कर दिया.. इस घटना के बाद चीन और अमेरिका द्वारा अपने- अपने दावे किए जा रहे हैं.

मीडिया से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि चीनी विमान मिसाइल से लैस थे. आपको बता दें कि बीते तीन महीनों में ये तीसरा मौका है, जब चीन और अमेरिका के विमानों में इस तरह का टकराव देखने को मिला है. इससे पहले अपने एक भाषण में ट्रंप ने कहा था कि चीन अगर भारत की तरफ आंख उठाकर भी देखता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते है.

बताते चलें कि अमेरिका कब से इस पल का इंतज़ार कर रहा था कि कब उसे मौका मिले और कब वो चीन को उसकी औकात दिखा सके. चीन हमेशा से अपने से छोटे देशों को धमकता आया है लेकिन रूस और अमेरिका जैसे ताकतवर देशों के सामने उसकी बोलती बंद हो जाती है. ये ही एक वजह है कि चीन अब भारत से भी पंगा नहीं ले रहा है क्योंकि उसको पता है रूस और अमेरिका अब भारत के करीबी दोस्त बन चुके है.