किसी अरब देश के शासक के पीछे मोसाद पड़ जाये तो वो अपने बाथरूम से बाहर नहीं निकलता !



मोसाद....(इस्राइल की खुफिया एजेंसी)

एक दिन अचानक "मोसाद" को गुप्त जानकारी मिली कि पड़ोसी देश 'इजिप्ट' आधुनिक हथियारों की खरीदारी करने निकला है और मोसाद के कान खड़े हो गए। 

जाहिर है समझाने की जरूरत नहीं कि वो "हथियार" किसके ऊपर इस्तेमाल होने वाले थे? तुरंत मोसाद के जासूस काम पर लग गए। हथियारों का सौदा हो गया अब "इजिप्ट" को उन हथियारों को अपने देश पहुंचाना था....

बड़ी जल्दी, उसे एक 'सस्ता जहाज' मिल गया. हथियार लाद दिए गए मगर थोड़ी ही देर में, *जहाज जेटी के पास ही डुब गया और हथियार भी डुब गये।
कहने की जरूरत नहीं है कि ये शरारत मोसाद की थी। 

तुरंत इजिप्ट का सेनाध्यक्ष खुद वहां पहुंचा और गोताखोरों के जरिए "सारे हथियार बाहर निकालें गये". हथियारों पर ग्रिसिंग था, इसलिए खराब नहीं हुआ था। 
फिर से "सेनाध्यक्ष" की निगरानी में, एक जहाज किराए पर लिया गया जिसमें दो खलासी भी थे, जो जहाज के "इंजन" के जानकार थे....
जहाज ने आराम से सफर शुरू किया मगर अपनी मंजिल तक कभी नहीं पहुंच पाया. कुछ दिनों में आधे रास्ते, बीच समंदर, जहाज में तकनीकी खराबी आ गई फिर अचानक उस जहाज का पता ही नहीं चला।।

कुछ अर्से, के बाद जब इजिप्ट ने इजराइल से युद्ध छेड़ा और इजराइल की तरफ से जिन हथियारों का इस्तेमाल किया गया; तब पता चला कि ये वही हथियार थे, जिसका इस्तेमाल इजिप्ट इजराइल के खिलाफ करने वाला था।। 

'जहाज' जानबूझकर खराब किया गया था ! इस दौरान इजराइल, नौसेना की स्पीड बोटों ने जहाज पर कब्जा कर के सारे हथियार उठा लिए और जहाज को डुबो दिया और सारे हथियार सुरक्षित अपने देश में उतार लिए।।।

इजिप्ट को अपने ही खरीदें हथियारों की वजह से करारी शिकस्त का मुह देखना पड़ा।। 
इसीलिए, दुनिया के सभी "मुस्लिम देशों" से दुश्मनी होने के बावजूद इजराइल सीना तानकर खड़ा है।।। 

क्योंकि उसके नागरिकों के दिल में,
"पहले देश, बाकी सब बाद में" 
ऐसी भावना को नमन !!