उपराष्ट्रपति उम्मीदवार देखकर ही पता चल जाता है कांग्रेस और बीजेपी में क्या है फर्क !!



राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों के लिए NDA और UPA ने अपने अलग अलग उमीदवार चुने 
चलिए बीजेपी और कांग्रेस कहते है 

राष्ट्रपति की उम्मीदवारी का चुनाव पुराना मुद्दा हुआ उसे छोड़िये 
पर पिछले दिनों कांग्रेस ने उपराष्ट्रपति की उम्मीदवारी के लिए गोपाल कृष्ण गाँधी को चुना 

गोपाल कृष्ण गाँधी कौन है ?

इस शख्स की सबसे बड़ी पहचान तो ये है की ये मोहनदास गाँधी का सगा पोता है 
वामपंथी है, परिवारवाद की पहचान है 

दूसरा ये शख्स आतंकवादी याकूब मेमन के लिए दया याचिका लिखने वाला भारत का प्रथम शख्स था 
इसके अलावा ये शख्स मुग़ल दुर्दांत हैवान औरंगजेब का भी परम भक्त है, ये शख्स औरंगजेब रोड का नाम बदलने का विरोध कर चूका है, साथ ही साथ ये पाकिस्तान का भी कट्टर समर्थक रहा है 

अब बीजेपी ने भी अपना उपराष्ट्रपति उमीदवार घोषित कर दिया है और बीजेपी ने उमीदवार बनाया है वेंकैया नायडू को, ये बचपन से ही बीजेपी के सदस्य रहे है 
मूल रूप से वेंकैया नायडू एक गरीब किसान के बेटे थे, संघर्ष करते करते बीजेपी के अध्यक्ष भी बने 
कोई परिवारवाद का इतिहास नहीं, जो किया अपने बुते किया 

हमेशा से ही आतंकवाद और पाकिस्तान के विरोधी रहे है 

आप बीजेपी और कांग्रेस में क्या मूल फर्क है, ये बड़ी ही आसानी से इनके उम्मीदवारों को ही देखकर समझ सकते है, बीजेपी एक गरीब किसान के बेटे को उपराष्ट्रपति बनाना चाहती है, तो कांग्रेस परिवारवादी, आतंकवाद और औरंगजेब प्रेमी शख्स को उपरष्ट्रपति बनाना चाहती है