अपनी कार में गणेश जी की मूर्ति लेकर चलता है ये मुसलमान, कहता है "गणेश जी ही काम आते है"


देश में जहां दो धर्मों को लेकर विवाद चल रहा हो तो ऐसे में अगर आपको कोई ऐसा शख्स मिल जाए जो हिंदू होकर अल्ला को माने या मु्स्लिम होकर भगवान गणेश को तो आप क्या कहेंगे। आज हम आपको कुछ ऐसी दिलचस्प बात बताएंगे जिस सुनकर आप कहेंगे वाह।

दरअसल, फेसबुक पर राजेश यादव नाम के एक शख्स ने एक पोस्ट किया है, इस पोस्ट के साथ उसने तीन फोटोज बी शेयर की है। इस पोस्ट में जो लिखा है वो वाकई काबिलेतारीफ है। चलिए अब हम आपको बताते हैं कि इस पोस्ट पर आखिर क्या लिखा है। 

इसपर राजेश ने लिखा है कि जब मैं अपने काम के सिलसिले में वह अयोध्या गया तो वापसी के लिए बस के इंतजार में एक बाईपास पर खड़ा हुआ था, तभी सड़क पर खड़ा देख एक कार आकर रुकी। उसने मुझे देखकर पूछा- कहां जाना है लखनऊ?? बस फिर क्या लखनऊ सुनते मैंने भी कहां कह दी। हां कहकर मैं उसकी गाड़ी में बैठ गया। पीछे दो लोग और बैठे हुए थे। 


राजेश आगे की सीट पर बैठा हुआ था। अचानक उसकी नजर डैशबोर्ड पर गणेश जी और रियर व्यू मिरर पर अरबी में लिखा अल्हम्दुलिल्लाह दोनों एक साथ दिखा। ये देखकर वो असमंजस में पड़ गया। कार की स्टेयरिंग के पास गणेश जी की प्रतिमा चिपकी हुई थी। पास ही में कुछ सिक्के चिपके थे। सबकुछ बड़ा अजीब था। एक शख्स दो धर्म के भगवान या अल्ला को कैसे मान सकता है। 

आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस शख्स की गाड़ी पर भगवान गणेश की मूर्ती रखी हुई वह एक मुसलमान है। जिसका नाम है मोहम्मद यूसुफ। यूसुफ ने बताया कि वो मुसलमान जरूर है लेकिन उसने कभी दो धर्मों के बीच फर्क नहीं किया। उसने कभी ये नहीं सोचा कि मैं मुस्लिम होकर गाड़ी में हिंदू देवता की तस्वीर क्यों रखूं। 

आपको जानकर हैरानी होगी कि युसूफ ने मूर्ति हटाई नहीं बल्कि उसने अकेले गणेश जी को देखकर उसके बाजू में लक्ष्मी जी की मूर्ति लगानी थी, लेकिन उसे लक्ष्मी जी की मूर्ति मिली नहीं इसलिए उसने इसके बाजू में सिक्के रख दिए। 

उसने बताया कि जब से उसने भगवान गणेश उसे खूब बरक्कत दे रहे हैं। एक एक दिन में लखीमपुर से लखनऊ के दो दो चक्कर हो जाते है। गाड़ी कभी खड़ी नही रहती।युसूफ वाकई देश में एक मिसाल है। अगर हर इंसान ऐसा हो जाए तो धर्म को लेकर कभी कहीं भी विवाद ना हो।