लखनऊ मेट्रो का एक पूरा स्टेशन की धंसा, काम बोलता है, लुटेरों का काम बोलता है !



आपको याद होगा लखनऊ मेट्रो का तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उद्घाटन किया था 
यानि अब इस्तेमाल करो मेट्रो 

वैसे मेट्रो इस्तेमाल करने लायक नहीं थी, क्यूंकि मेट्रो तो बनी ही नहीं थी, स्टेशन ही नहीं पुरे हुए थे 
काम बोलता है का नारा देते थे अखिलेश यादव 

अब काम देखिये अखिलेश यादव का, देखिये एकदम नए मेट्रो स्टेशन का हाल 



देख रहे है अख़बार में लगी हुई तस्वीर, ये वो मेट्रो स्टेशन है जो अभीतक शुरू भी नहीं हुआ 
 उसका हाल देख लीजिये 
अच्छा हुआ शुरू नहीं हुआ, वरना अखिलेश यादव के काम ने तो कइयों को मरवाने का पूरा इंतेज़ाम कर रखा था 

नए मेट्रो स्टेशन का ये हाल हो गया 
सीमेंट की जगह बालू भरेंगे तो यही होगा, सरकारी खजाने से अरबो रुपए उड़ा कर ये काम करते है 
भ्रष्टाचारी नेता और उनकी सरकारें 

अब मेट्रो स्टेशन धसने से बाद बोलती बंद हो गयी है सपा की, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के जांच के आदेश दे दिया है 
रोज ही योगी किसी न किसी बात के जांच के आदेश देते ही रहते है, अंदाजा लगाया जा सकता है की 
किस प्रकार का काम पिछली सरकार के दौरान हो रहे थे 


नोट : अब आप समझिये की नेताओं की औलादों के पास, नेताओं के रिश्तेदारों के पास 
रातों रात इतनी संपत्ति कहाँ से आ जाती है 
ये लोग सरकारी पैसे को यानि टैक्स के पैसे को काम करने के नाम पर खजाने से निकालते है, और सब खा जाते है, सीमेंट की जगह बालू भरते है, सीमेंट का पैसा लूट कर अपनी अवैध सम्पत्तियाँ बनाते है 

उदाहरण के तौर पर लालू के बेटे और बेटियां, 8000 करोड़ मीसा भारती और 1000 करोड़ का मालिक तेजस्वी यादव , और अभी तो और पता लगना  बाकी है