नियमित रूप से कांग्रेस चीन के संपर्क में, राहुल गाँधी लगातार करते है चीनी राजदूत से गुपचुप मुलाकातें !



* फ़ोन पर बात करेंगे, तो सरकार ट्रेस कर लेगी 
* ईमेल पर, चैट पर बात करेंगे, तो भी सरकार पकड़ लेगी 

लेकिन मिलकर बात करेंगे, वो भी गुपचुप मुलाकात तो कौन पकड़ेगा 
आज भी मिलकर बात करना सबसे सेफ है 

क्या आपको जानकारी है की कांग्रेस के प्रमुख राहुल गाँधी ने चीनी राजदूत से अक्टूबर 2016 फिर जनवरी 2017 और अब फिर जुलाई 2017 में 3 बार  गुपचुप मुलाकात की है 


कोई किसी से भी मुलाकात कर सकता है, भारत में  सबको छूट है 
पर राहुल गाँधी गुपचुप मुलाकात करते है 

पहले चीनी दूतावास बताता है, मुलाकात हुई 
फिर राहुल गाँधी का दफ्तर कहता है नहीं मुलाकात नहीं हुई 
फिर चीनी दूतावास अपने वेबसाइट से मुलाकात की जानकारी डिलीट कर देता है 

उसके बाद राहुल गाँधी के मुलाकात की तस्वीरें सामने आ जाती है 
फिर कांग्रेस कहती है, "हां मुलाकात हुई, नार्मल सी मुलाकात है"

मुलाकात राहुल गाँधी  चीनी राजदूत से कर रहे है, तो झूठ क्यों बोलते है, मुलाकात सीक्रेट क्यों रखी जाती है 
ये वही कांग्रेस पार्टी है जिसके नेता पाकिस्तान में जाकर भारत के खिलाफ पाकिस्तान की मदद 
मांगते है, राहुल गाँधी चीन से कौन सी बात करने जाते है, वो भी सीक्रेट और गुपचुप मीटिंग में 

मोदी को हटाने के लिए ये पार्टी किसी  भी स्तर तक जा सकती है 
पाकिस्तान के बाद ये पार्टी चीन के भी लगातार संपर्क में है, पाकिस्तान चीन और कांग्रेस मिलकर भारत में मोदी विरोधी लहर बनाते है, और इसी कारण कांग्रेस के नेता पाकिस्तान, अलगाववादियों, नक्सलियों और चीन के संपर्क में रहते है