हद की बेशर्मी : खुद को ही ये शख्स अवार्ड देकर कितना खुश हो रहा है, शर्म भी शर्मा जाये !



ये तस्वीर शायद आपने पहले भी देखी होगी 
पर शायद ये नहीं जानते होंगे, ये कबकी है, और किस मौके की तस्वीर है 

इस तस्वीर में 3 शख्स है, पहले भारत के तत्कालीन रष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद, दूसरे संसद भवन के कर्मचारी और तीसरा भारत पर थोपा गया प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू 

15 जुलाई 1955 को प्रधानमंत्री नेहरू को भारत रत्न दिया गया,
तब वह खुद ही प्रधानमंत्री थे😂😂

15 जुलाई 1955 को नेहरू भारत रत्न के सम्मान से नवाज़े गए थे. उस वक़्त के राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने उन्हें सम्मानित किया था. लेकिन मजे की बात ये है कि नेहरू ने ख़ुद ही ये सम्मान ले लिया था.

असल में नियम ये है कि प्रधानमंत्री हर साल भारत रत्न के लिए राष्ट्रपति को कुछ प्रस्ताव भेजते हैं. राष्ट्रपति उसे फाइनल करते हैं और भारत रत्न दिया जाता है.

1955 में जब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे तो उन्हें कैसे भारत रत्न मिल सकता है? ये सवाल कई बार उठा है. ऐसा ही कुछ इंदिरा गांधी के साथ भी हुआ जब 1971 में उन्हें भारत रत्न दिया गया.

दोनों बाप बेटी ने खुद ही को भारत रत्न का अवार्ड दे डाला था, जो अपने आप में एक बेशर्मी का विश्व रिकॉर्ड है