राहुल गाँधी से लेकर ड्राइवर सलीम शेख, बहुत कुछ संदिग्ध, सुरक्षा एजेंसियां दे इन बिंदुओं पर ध्यान !



अमरनाथ यात्रियों पर हमला  किया गया 
बस के अंदर मौजूद सलीम  शेख एक बड़ा संदिग्ध है, उसी के कहने पर बस ने रास्ता बदला 
पंचर बनाने के नाम पर शाम करवा दी, और 3 घंटे में `1 पंचर बनाया, पंचर बन गया तो बोला स्टेपनी भी बनवा देते है 

सबकुछ बस को लेट करने के मकसद से किया गया 
बस को 7 बजे के बाद ले जाया गया, सुरक्षाबलों का टाइमिंग है, बस को ऐसे समय ले जाया गया जब रास्ते में सुरक्षाबल नहीं थे 

बस पर सामने से गोलियां चली, पर 1 भी सलीम शेख को नहीं लगी, खरोच तक नहीं आयी 
बस के सामने से गोली चली, पर 1 भी गोली बस के सामने वाले हिस्से में नहीं लगी 

कुछ ज्यादा ही चमत्कार हो रहा है सलीम शेख के साथ 

और उस से पहले के घटनाक्रम पर नजर डालें, 

7 जुलाई 2017 को भारतीय सेना चीनी बॉर्डर पर टेंट गाड़ती है, नहीं हटेंगे पीछे 

8 जुलाई को राहुल गाँधी चीनी राजदूत से चुपचाप, सीक्रेट मीटिंग करता है, कांग्रेस पहले हां करती है, फिर ना, फिर हां, क्यूंकि मीटिंग की तस्वीर आ जाती है 

फिर 9 जुलाई को चीन कश्मीर में घुसने की धमकी देता है 
और 10 जुलाई 2017 को अमरनाथ यात्रियों को मौत के घाट उतारा जाता है 

और सैंकड़ो बस में से वही बस जिसमे सलीम शेख नाम का शख्स था, बहुत कुछ संदिग्ध है 
राहुल गाँधी से लेकर  सलीम शेख, दोनों की गतिविधियां संदिग्ध है, हिन्दू तीर्थ यात्रियों को मौत के घाट उतारा गया है 

सुरक्षा एजेंसियों को इन बिन्दुओ पर नजर डालने की सख्त जरुरत है