चीन को तिब्बत के लोगों ने ही जड़ा थप्पड़, "नहीं रहना चीन के साथ, होना है भारत में शामिल"


चीन को भारत के बाद अब अपने लोगों ने करारा थप्पड़ जड़ा है। जिस तिब्बत को चीन अपना बताता है वहां के लोग अब भारत में शामिल होना चाहते हैं।

जी हां तिब्बत में लोगों ने चीन के खिलाफ प्रदर्शन किया है। लोगों ने कहा कि वो चीन के हिटलरशाही राज से तंग आ चुके हैं। उन्हें या तो आजादी दी जाए या भारत सरकार तिब्बत को वापस ले। 


तिब्बत के तिब्बती चौक पर इकट्टठा होकर लोगों चीन के विरोध में नारे लगाए। उन्होंने कहा कि तिब्बत पर चीन हिटलर की तरह राज करता है। वो लोग अपनी जिंदगी जीने के लिए भी आजाद नहीं है। तिब्बत में जो फसल पैदा होती है उसे चीनी सरकार छीन ले जाती है। 

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारत से वो मदद की अपील करते हैं। अगर भारत तिब्बत को वापस लेने की पहल करता है तो हर तिब्बतवासी भारत का समर्थन करेगा। 

कुछ दिनों पहले हिमाचल के धर्मशाला में भी ऐसा ही प्रदर्शन हुआ था। तिब्बती समुदाय को लोगों ने आरोप लगाया है कि चीन में मठों में बौद्ध भिक्षुओं को अंदर जाने नही दिया जा रहा है, जो सरासर गलत है। तिब्बतियों को भी सम्मान से जीने का अधिकार है और इस तरह मठों में न जाने देना न्यायसंगत नहीं। 

तिब्बति यूथ कांग्रेस शिमला द्वारा तिब्बत की आजादी को लेकर तिब्बतियन अनिश्र्चित कालीन हडताल पर जाने से पीछे नहीं हटेंगे। तिब्बती लोगों के अधिकारों के लिए सदैव लडते रहेंगे।