आतंक का कोई मजहब नहीं है तो आतंकी संगठनो के नाम पर क्यों नहीं ऐतराज़ करते मुस्लिम संगठन !


दुनिया भर में मुस्लिम छोटी छोटी बातों पर ऐतराज़ कर दंगे तक करते है 
बंगाल को कट्टरपंथियों ने हाल ही में जलाया, देश भर में भीड़ लेकर आ जाते है, दंगे करते है, मुस्लिम संगठन सड़क जाम करते है 

पर कभी आतंकवाद के खिलाफ, अल्लाह और मोहम्मद के नाम पर हो रहे कत्लेआम के खिलाफ मुस्लिम संगठन बाहर नहीं निकलते 
अरे भैया आतंकी तुम्हारे मजहब का नाम लेकर, अल्लाह मोहम्मद का नाम लेकर कत्लेआम कर रहे है, पर उसपर ऐतराज़ क्यों नहीं 

आतंकी अल्लाह हू अकबर कहकर कत्लेआम करते है, उसपर ऐतराज़ क्यों नहीं

दुनिया में कई आतंकी संगठन है, इन सबके नाम आप लगभग रोज ही सुनते होंगे, आइये जरा इनके नाम का हिंदी में अनुवाद करें 

जैश-ए-मोहम्मद ---- मोहम्मद (इस्लामिक पैगम्बर) का दल
लश्करे तोइबा ------ अल्लाह के फरिश्तों की सेना
हिज़्बुल मुजाहिदीन - इस्लामी बलिदानियों का समूह
अलकायदा ----- अल्लाह के नियमों का पालक
ISIS - इस्लामिक राज्य 

अगर आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं है तो मुस्लिम संगठन जो छोटी छोटी बातों पर सड़क पर आ जाते है वो इन आतंकी संगठनो के नामो पर कभी ऐतराज़ क्यों नहीं करते, या फिर ये आतंकी संगठन जो कर रहे है सब जायज है !