प्रचंड सेना : हर हर महादेव का नारा लगाते हुए भारतीय सेना ने मारे टॉप 92 आतंकवादी


सेना के जवानों को आतंक के खिलाफ लड़ने के लिए फ्री हैंड देने का असर जम्मू-कश्मीर में साफ तौर से देखा जा सकता है। आतंक के खिलाफ जवानों की सख्त कार्रवाई आतंक का सफाया करती नजर आ रही है। इस साल जवानों ने करीब 92 आतंकियों का सफाया कर दिया।

गृह मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों को घाटी में छिपे आतंकियों का पता लगाने और उनका सफाया करने के लिए फ्री हैंड दिया गया है। आतंकियों के खिलाफ अभियान छेड़ने से पहले लक्ष्य का पूरा नक्शा तैयार किया जाता है और यह तय किया जाता है कि कम से कम नुकसान में आतंकियों का खात्मा कैसे किया जाए। फ्री हैंड से तात्पर्य ये है कि आतंक के खिलाफ फैसला लेने का अधिकार सेना के जवानों का होगा। वे जब चाहें जहां चाहें वहां घुसकर आतंकवादी को मार गिरा सकते हैं

कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कड़ी कार्रवाई का असर नजर आने लगा है। इस साल सेना के जवानों ने आतंकियों को अपनी ताकत दिखाते हुए 2 जुलाई तक कम से कम 92 आतंकवादियों को मार गिराया। पिछले साल ये आंकड़ा 79 था। सेना के जवानों की ताकत लगातार बढ़ती जा रही है। आतंक के खिलाफ जवानों का गुस्सा और देश के प्रति प्रेम साफ झलक रहा है।

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आतंक के खिलाफ की गई कड़ी कार्रवाई में इस साल मारे गए आतंकियों का आंकड़ा 2012 और 2013 के आंकड़े को भी पार कर लिया है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 2012 में 72 जबकि 2013 में 67 आतंकी मारे गए थे। वहीं, एनडीए के कार्यकाल 2014 में यह आंकड़ा उछलकर 110 पहुंच गया। 2015 में कुल 108 जबकि 2016 में 150 आतंकी मारे गए।

गृह मंत्रालय के एक सीनियर अफसर ने बताया, 'इस साल 2 जुलाई तक मारे गए आतंकियों की संख्या 2014 और 2015 में मारे गए आतंकियों के आंकड़े से जरा सा ही कम है। वह आतंकियों के खिलाफ इस कामयाबी का श्रेय सेना, केंद्रीय बलों, राज्य सरकारों और इंटेलिजेंस एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल को देते हैं। जवानों के लिए ये सबसे बड़ी उपलब्धि है कि अधिकांश स्खाय में जवानों ने आतंकियों को मार गिराया।  जवानों ने जितने भी आतंकियों का खात्मा किया है उनमें सबसे अधिक बड़े आतंकवादी के चेहरे हैं।