8वीं कक्षा के बच्चे से भी पीछे है देश का 32 साल का अधेड़ वामपंथी छात्र कन्हैया कुमार !



देश की राजधानी दिल्ली में एक यूनिवर्सिटी है जिसका नाम है 
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, ये यूनिवर्सिटी पढाई के लिए कम और देशद्रोहियों जिहादियों वामपंथियों के अड्डे के रूप में अधिक कुख्यात है, खैर 

JNU का एक छात्र है जिसका नाम है कन्हैया को कन्हैया कुमार 
इसकी उम्र 32 साल की है, ये आज भी छात्र ही है, और JNU में पीएचडी का कोर्स कर रहा है 
अब ये पढ़ने लिखने के बाद देश के लिए क्या करेगा ये अपने आप में एक बड़ा प्रश्न है 

देश में 2 बड़ी आईटी कंपनियों का अगर आप नाम लें तो इनफ़ोसिस और विप्रो इत्यादि का नाम आपके जबान पर आ जायेगा 
दोनों ही दुनिया की फेमस कम्पनियाँ है 

एक  कार्यक्रम के दौरान वामपंथी छात्र कन्हैया कुमार ने अजीम प्रेमजी जो की देश के एक मशहूर व्यक्ति हैं उनको इनफ़ोसिस का फाउंडर बता दिया 
जबकि बच्चा बच्चा जनता है की अजीम प्रेमजी इनफ़ोसिस से नहीं बल्कि विप्रो से जुड़े हुए है और हमेशा से ही विप्रो के मालिक रहे है  

8वि तो क्या 5वि कक्षा का छात्र भी ये बात आसानी से बता सकता है पर कन्हैया कुमार जो की 32 वर्ष का छात्र है उस से आप ऐसी छोटी जानकारी की भी उम्मीद न करें 
ये वामपंथी पढाई लिखे करके काम थोड़ी करने वाले है, इनका 2 ही धंधा है 
या तो छात्रबाजी के बाद नेतागिरी करेंगे या फिर NGO चलाएंगे, और दोनों के ही जरिये देश 
और हिन्दुओ के प्रति नफरत फैलाएंगे