देश से बहुत बड़ा खिलवाड़, 30% आकाश मिसाइल फेल, UPA के समय बनाये गए थे !


चीनी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों से लोहा लेने के लिए भारतीय वायुसेना को मिले आकाश मिसाइलों में से कम से कम 30 फीसदी शुरुआती जांच में फेल हो गए। 

नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की हालिया रिपोर्ट में इसके साथ ही कहा गया है कि किसी भी युद्ध जैसी स्थिति में आकाश मिसाइल का इस्तेमाल विश्वसनीय नहीं है और इसी कारण इन्हें पूर्वी सीमा पर तैनात ही नहीं किया गया।

जमीन से हवा में मार करने वाले ये स्वदेशी मिसाइल भारत के 'चिकन नेक' कहलाने वाले सिलिगुड़ी कॉरिडोर सहित चीन सीमा से सटे छह अहम बेस पर लगने थे। 

बता दें की ये सारे मिसाइल 2013 से पहले बनाये गए थे, तब केंद्र में सोनिया गाँधी और मनमोहन सिंह की सरकार थी 
1-1 मिसाइल करोडो रुपए की होती है, 30% मिसाइल शुरुवाती जांच में ही फेल हो गए, ये तो सिर्फ आकाश मिसाइलों की जांच का मामला है 

शक ये भी बताया जा रहा है की भारत के पास जितनी अन्य मिसाइल है जिसमे अग्नि, पृथ्वी, ब्रह्मोस इत्यादि है 
उनकी जांच में भी कुछ ऐसा ही न निकले जो आकाश मिसाइल के सन्दर्भ में निकल रहा है

अभी पिछले ही दिनों खुलासा हुआ था की UPA की सरकार रहते हुए, मेड इन जर्मनी बताकर भारतीय सेना को नकली चाइनीज कलपुर्जे सप्लाई कर दिए 
गए थे, आकाश मिसाइल इतने बड़े पैमाने पर फेल हो रहे है, भारत के लिए ये बहुत ही गंभीर स्तिथि है, और देश के लिए बड़े खतरे की बात है 
बहुत बड़े पैमाने पर देश से खिलवाड़ किया गया, भ्रष्टाचार में नकली कलपुर्जे लगाए गए 


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आकाश मिसाइल का काम था हवा से भारत पर आने वाले खतरे को मार गिरना, दुश्मन देशों के फाइटर जहाज, या बैलेस्टिक मिसाइल को हवा में ही मारने के लिए आकाश मिसाइल को बनाया गया था 

चीनी वायु सेना से टक्कर लेने के लिए आकाश मिसाइल भारतीय वायु सेना को दिए गए थे 
अब अब युद्ध की स्तिथि में आकाश मिसाइल का मामला सच में डरा देने वाला है, भ्रष्टाचारियों ने देश को बुरी तरह खोखला कर दिया है