सोनिया-राहुल ने लगायी चुनाव आयोग से गुहार, भाजपा से बचा लो हमारी 132 साल पुरानी पार्टी को


गुजरात में राज्यसभा चुनाव सर पर है और कांग्रेस और भाजपा की टकरार थमने का नाम नहीं ले रही है। अब तक दो दिनों में कांग्रेस के छह विधायकों ने बीजेपी में शामिल होकर कांग्रेस को बड़ा दिया है।

 इस उठापटक को देख कोंग्रेस ने शनिवार को निर्वाचन आयोग से गुहार लगायी कि वह भाजपा द्वारा अपने विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले की जांच करे। कांग्रेस विधायकों का पार्टी छोड़ने के पीछे भाजपा की साजिश बताई जा रही है।

इस बात पर निर्वाचन आयोग ने गुजरात के मुख्य सचिव से रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इस मामले को देखते हुए गुजरात सरकार को आयोग ने सभी विधायकों और उनके परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश भी दिए हैं। आठ अगस्त को गुजरात में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, अभिषेक मनु सिंघवी ने निर्वाचन आयोग से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस द्वारा दिए गए ज्ञापन को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने इस मामले में जांच के लिए एक स्वतंत्र व्यक्ति/अधिकारियों वाली उच्चस्तरीय समिति गठित करने' की मांग की है। 

कांग्रेस ने आरोप लगाया की भाजपा अपने धनबल, बाहुबल का दुरुपयोग कर विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल कर कांग्रेस को तोड़ रही है। कम से कम तीन विधायकों को भाजपा ने अपने एजेंटों के द्वारा पेसों का लालच देकर उन्हें अपनी तरफ करने का भी कांग्रेस ने आरोप लगाया है।